पयागपुर(बहराइच)। पयागपुर थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई जहां एक दो वर्षीय मासूम को उसके ताऊ ने हवस का शिकार बना डाला। गंभीरावस्था में मासूम को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया। लेकिन यहां भी चिकित्सकों ने संवेदनहीनता की हदें पार कर दी और आरोप है कि बच्ची का दो घंटे तक इलाज नहीं किया गया।
इसके बाद बाल कल्याण समिति अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर बच्ची का इलाज शुरु हुआ। हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उसे ट्राॅमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर एसपी प्रशांत वर्मा, एएसपी नगर कुंअर ज्ञानंजय सिंह ने जांच पड़ताल की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पयागपुर थाना क्षेत्र निवासी एक दो वर्षीय मासूम को सोमवार की रात एक कलयुगी ताऊ सन्नाटा होते ही सुनसान जगह ले गया और अपनी हवस मिटाने के लिए उसके साथ गलत हरकत की। बाद में मासूम को चीखता देख ताऊ उसे मौके पर छोड़ कर फरार हो गया। इस दौरान मासूम के माता-पिता बच्ची की तलाश में निकले। रोती हुई बच्ची को जब परिजनों ने देखा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गयी। आनन-फानन में परिजन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी राजकुमार पांडेय मौके पर पहुंचे और तत्काल मासूम को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
महिला अस्पताल की संवेदनहीनता पर जांच के आदेश
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव ने बताया कि दर्द से कराह रही मासूम को इलाज के लिए 10 बजे मेडिकल कॉलेज लाया गया था। लेकिन यहां तैनात महिला डॉ. ममता बसंत से इलाज से इंकार कर दिया और सुबह इलाज की बात कही। वहीं इमरजेंसी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सचिन ने भी ध्यान नहीं दिया। इसके बाद महिला आरक्षी ने प्रकरण की जानकारी मुझे दी। इसके तत्काल सीएमएस को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। तब एएसपी नगर कुंअर ज्ञानंजय सिंह को फोन कर अवगत कराया। जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे और दो घंटे बाद 12 बजे बच्ची का इलाज शुरु हुआ। उन्होंने इस प्रकरण का स्वत: संज्ञान लिया है और महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सक डॉ. ममता बसंल और डॉ. सचिन समेत मौजूद स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है।
दो वर्षीय मासूम के साथ उसके ताऊ ने लैंगिग अपराध किया है। आरोपी पर दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। विधिक कार्यवाही की जा रही है।
कुंअर ज्ञानंजय सिंह, एएसपी नगर