नानपारा(बहराइच)। नगर स्थित प्राचीन काली कुंडा मंदिर के जोर्णोद्धार के लिए साल 2023 में शासन की ओर से 1.45 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते एक साल बीतने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को अर्घ्य देने में परेशानी हो रही है। वहीं पार्क में बैठने में भी दिक्कत हो रही है। मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार की शिकायत मुख्यमंत्री से की है।
नानपारा नगर के प्रसिद्ध श्री कालीकुंड मंदिर के लिए पर्यटन विभाग द्वारा 3 मार्च 2023 को 1.45 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। वहीं कार्यदायी संस्था शिव शांति डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ को गुणवत्ता पूर्ण कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद जोर शोर से निर्माण का शुभारंभ कर कार्य शुरू किया गया था। लेकिन निर्माण कार्य शुरु होने के कुछ दिन बाद ही संस्था के जिम्मेदारों ने कार्य सुस्त कर दिया, जो अब श्रद्धालुओं के गले की फांस बन गया है।
संस्था की ओर से अभी तक न तो हवन कुंड का निर्माण किया गया है और न ही घाट की सीढ़ियां बनाई गई हैं। यही नहीं पार्क का सौंदर्यीकरण भी नहीं हुआ है। संस्था की ओर से सिर्फ दीवार खड़ी कर छत डाल दी गई है। इससे प्रतिदिन मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीढ़ियां न बनने से श्रद्धालु अर्घ्य नहीं दे पा रहे हैं। वहीं श्रद्धालुओं में आक्रोश बढ़ रहा है।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से की शिकायत
कार्यदायी संस्था के ढुलमुल रवैये व श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत की है। समिति अध्यक्ष उमाशंकर अग्रवाल, मुक्तिनाथ साहू, रत्नेश जायसवाल, प्रकाशवीर गुप्ता, तीरथ राम साहू, प्रहलाद राम पाठक आदि ने बताया कि संस्था ने जो कार्य किया भी है, वह मानक विहीन है। निर्माण अधूरा होने से त्योहारों में श्रद्धालुओं को हवन पूजन में समस्या हो रही है। मुख्य द्वार भी अपूर्ण है, जिससे भक्तों का आना-जाना भी बाधित है। संस्था की ओर से सरोवर में भी खुदाई करके छोड़ दिया गया है।