बहराइच। थाना हरदी के मक्कापुरवा गांव निवासी एक दोषी को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो की कोर्ट ने बुधवार को बालिका के साथ दुष्कर्म करने के मामले में 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, दो अन्य दोषियों को धमकी देने के मामले में एक-एक वर्ष की सजा सुनाते हुए तीनों को एक लाख 10 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह, विशेष लोक अभियोजक संतोष सिंह व सुरेंद्र मौर्य ने बताया कि नाबालिग पीड़िता ने 24 नवंबर, 2014 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि वह जानवर चराने के लिए गई थी। इसी दौरान प्रमोद ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे पिता ने प्रमोद को पकड़ लिया। इसी दौरान हरि व लेखराज भी मौके पर पंहुच गए और पिता को जान से मारने की धमकी देते हुए प्रमोद को छुड़ा कर ले गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि बुधवार को सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो वरुण मोहित निगम की कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनी।
प्रमोद को बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध करते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। एक लाख के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, कोर्ट ने धमकी देने के मामले में दोषी हरि व लेखराज को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।