बहराइच। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति की बैठक शनिवार को देर शाम जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक के दौरान सदस्य सचिव/डीएफओ बहराइच संजय शर्मा ने बताया कि जिले में प्रवाहित होने वाली पावन सरयू नदी के घाटों के पुनरुद्धार कार्य का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिसके अंतर्गत चयनित स्थलों पर आयरन ट्री-गार्ड की सुरक्षा में फलदार एवं शोभाकार पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके अलावा जलभराव वाले क्षेत्रों में जलकुंभी व अन्य खरपतवार की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण कर गंगा आरती तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
जिला वेटलैंड समिति की बैठक के दौरान सदस्य सचिव डीएफओ ने बताया कि पूर्व सें जिले में 14 वेटलैंड का चिन्हांकन हो चुका है तथा राजस्व अभिलेखों में अंकित अन्य वेटलैंड की सूची उपलब्ध कराने के लिए उपजिलाधिकारियों से कहा गया है, ताकि सभी वैटलैंड्स के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य किया जा सके। डीएफओ ने बताया कि इसी क्रम में दोंदरा वेटलैंड, रूपईडीहा नगर पंचायत तथा दहौरा वेटलैंड के विकास, संरक्षण तथा पर्यटन विकास के प्रस्तावों को उच्च स्तर पर प्रेषित किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों की सोच में परिवर्तन लाकर वेटलैंड (आर्द्रभूमि) को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सकता है। हमें लोगों को बताना होगा वेट लैंड वेस्ट लैंड नहीं है बल्कि पूरे परिस्थितिकीय तंत्र के लिए वेटलैंड और इनमें रहने वाले जीवों का सुरक्षित और संरक्षित रहना पूरी मानव सभ्यता के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रवाह को बनाये रखकर इन्हें आने वाली नस्लों के लिए बनाये रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी वैटलैण्ड को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है कि उसके उद्गम स्थल से लेकर अन्तिम छोर तक प्रदूषण से मुक्त रखा जाय। इस मौके पर एडीएम मनोज, एसडीएम (सदर) सुभाष सिंह धामी, कैसरगंज के महेश कुमार कैथल, महसी के राकेश कुमार मौर्या, पयागपुर के दिनेश कुमार, मिहींपुरवा (मोतीपुर) के ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी महेंद्र कुमार पांडेय, उपायुक्त (मनरेगा) केडी गोस्वामी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।