बहराइच में सब्जी के दुकान पर खरीददारी करते लोग।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। सब्जियों के दामों में निरंतर बढ़ रही महंगाई पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सब्जियों का राजा कहे जाने वाला आलू के साथ टमाटर व अन्य हरी सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। हालात यह हैं कि इस महंगाई के दौर में मध्यम वर्ग के साथ गरीबों की थाल से सब्जियों का राजा गायब होने लगा है। वहीं टमाटर भी गुस्से से लाल हो गया है। जिसके चलते मध्यम वर्गीय परिवार टमाटर खरीदने से कतरा रहा है।
देश में बढ़ रही महंगाई का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अभी तक खाद्य पदार्थों के दामों हुई बेतहाशा वृद्धि से आम जनमानस परेशान चल रहा था, लेकिन अब महंगाई के दौर में सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। जिससे गरीब परिवारों के साथ मध्यम वर्ग भी काफी आहत है। हालात यह है कि पहले अरहर की दाल पर महंगाई की मार पड़ने के बाद गरीब व मध्यम वर्ग के लोग आलू, टमाटर व हरी सब्जियों के सहारे ही अपना पेट भर रहे थे, लेकिन सब्जियों पर भी महंगाई की मार पड़ने से अब गरीबों के साथ मध्यम वर्ग की थालियों से सब्जी भी गायब होने लगी है। सबसे ज्यादा बिकने वाले पुराने आलू के दाम महज एक माह में ही 20 रुपये से बढ़कर 30 रुपये हो गए हैं।
वहीं नया आलू 45-50 रुपये में बिक रहा है। टमाटर भी 40 से 80 रुपये में पहुंच गया है। इसी तरह हरी सब्जियों में शिमला मिर्च, लौकी, तरोई, भिंडी, बैगन व कद्दू के दामों में भी 10 से 40 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि सब्जी विक्रेता शाहरूख खान महंगाई का कारण बेमौसम हुई बरसात को बता रहे हैं। उनका कहना है कि इधर बेमौसम हुई मूसलाधार बारिश ने अनाज के साथ सब्जियों की खेती भी तबाह कर दी है। सब्जियों की आमद मंडी में कम हो गई है, इसलिए सब्जियां महंगी हो गई हैं।
एक माह के अंदर सब्जियों के दाम में अंतर (रुपये में)
सब्जी एक माह पूर्व के दाम वर्तमान दाम
पुराना आलू- 20 25 से 30
नया आलू-45-50
टमाटर- 30 से 40 80
लौकी- 10 से 15 30 से 40
तरोई- 30 40
भिंडी- 30 40
कद्दू- 10 से 15 30 से 40
बैगन- 25 40
प्याज- 20 30 से 40
शिमला मिर्च- 60 100
करेला- 40 60
परवल- 40 60