बहराइच। आगामी एक नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीद के लिए खाद्य एवं विपणन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। इस बार जिले के 100 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद की जाएगी। सकुशल धान खरीद के लिए जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने सभी विपणन निरीक्षकों को दो-दो गांठ बोरे व केंद्र पर प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने को निर्देशित किया है। इसके अतिरिक्त सभी केंद्रों पर मापतौल यंत्र, पंखा आदि की व्यवस्था कर ली गई है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का धान खरीदने के लिए इस बार जिले में विभिन्न क्रय एजेंसियों के 100 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। धान के लिए इस बार शासन की ओर से 2040 प्रति क्विंटल का मूल्य निर्धारित किया गया है। सकुशल धान खरीद संपन्न करवाने के लिए विपणन विभाग ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में बनाए गए सभी क्रय केंद्रों पर मापतौल यंत्र, पंखा आदि को दुरुस्त करवा लिया गया है। एक नवंबर से सकुशल धान खरीद शुरू हो इसके लिए सभी केंद्र प्रभारियों को केंद्र पर दो-दो गांठ बोरा व प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं विपणन विभाग किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए जागरूक भी कर रहा है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि सरकारी रेट पर धान बिक्री के लिए किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसान सीएससी व लोकवाड़ी केंद्र से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही किसानों से अपील है, कि अपने बैंक खाते को आधार लिंक जरूर करवा लें। खाता लिंक नहीं होने पर पैसा पहुंचने में देरी होगी।
इस बार घट सकती है खरीद, पिछले साला खरीदा गया था 1.62 लाख एमटी धान
बीते वर्ष धान खरीद के लिए जिले में 114 क्रय केन्द्र स्थापित किए गए थे। जिन पर लगभग 25 हजार किसानों से 1.62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गयी थी। लेकिन इस बार बाढ़ व बारिश के चलते काफी किसानों की फसलें खराब हो गयी है। जिसका असर धान खरीद पर पड़ने और खरीद लगभग आधी होने की संभावना जतायी जा रही है।
घट सकते हैं 20 क्रय केन्द्र
विपणन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार धान खरीद के लिए जिले में 100 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन इनमें से 20 क्रय केन्द्र कम होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर सिर्फ साधन सहकारी समिति से धान खरीद की बात चल रही है। कुछ एजेंसियों को खरीद से बाहर करने की तैयारी है।