श्रावस्ती। ग्रीष्म ऋतु आगमन के साथ ही मौसम का मिजाज बदल रहा है। इसके साथ ही मच्छरों ने भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बदलते मौसम में मच्छरों के प्रकोप से संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग व नगर प्रशासन द्वारा मच्छरों के प्रकोप से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं कराई जा रही है। होलिकोत्सव का पर्व मनाया जा चुका है। वहीं मार्च माह का प्रथम पखवाड़ा भी समाप्त होने को है। ऐसे में मौसम का मिजाज परिवर्तित होना स्वाभाविक है। बदलते मौसम के कारण मच्छरों का आतंक भी चरम पर पहुंच गया है। इसके बावजूद नगर पालिका भिनगा व नगर पंचायत इकौना सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में मच्छरों से मुक्ति के लिए फागिंग नहीं करा रहा है। विभागीय उदासीनता के चलते नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ चुका है।
भिनगा नगर में ही देखा जाए तो चाहे नई बाजार हो या पुरानी बाजार, खलवा बाजार हो या सब्जी मंडी अथवा नए शामिल हुए वार्ड सभी स्थानों पर मच्छरों की संख्या में इजाफा हो चुका है। ऐसे में शाम होते ही मच्छर अपना कहर बरपाना प्रारंभ कर देते हैं। मच्छरों का यह तांडव पूरी रात जारी रहता है। ऐसे में नगरवासियों ने उप जिलाधिकारी भिनगा व इकौना का ध्यान आकर्षित कराते हुए समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में संयुक्त जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. श्याम मिश्र बताते हैं कि मच्छरों से बचाव के लिए घरों के आसपास सफाई रखें, जलभराव न होने दें, मच्छरदानी का प्रयोग करें, शरीर को पूरी तरह से ढक कर सोएं। संवाद