श्रावस्ती। सरकारी कार्यालय परिसरों को अब सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही राप्ती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी जल्दी एक फुलप्रूफ कार्ययोजना तैयार होगी। ताकि लगातार गिर रहे भूगर्भ जल स्तर को रोकने व विलुप्त हो रही वनौषधियों को संरक्षित करने में मदद मिल सके। यह जानकारी जिलाधिकारी कृतिका शर्मा ने दी। वह शुक्रवार को जिला पर्यावरणीय समिति एवं जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।
डीएम ने सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के प्रयोग को निषिद्ध करने के साथ ही सभी सरकारी कार्यालय परिसरों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त घोषित करने की कार्ययोजना बनाते हुए उसे भी प्रभावी तौर पर तत्काल अमल में लाने का निर्देश संबंधित विभागों के जिम्मेदारों को दिया। साथ ही कहा कि सीएमओ स्तर से बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण व ई-वेस्ट के एकत्रीकरण तथा निस्तारण की व्यवस्था को भी प्रभावी स्तर पर जिले में लाग कराया जाए। परिवहन विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिले में प्रदूषणकारी वाहनों के रोकथाम तथा उनके विरूद्ध कार्रवाई करने के साथ ही नगर पालिका चिह्नित स्थानों का चयन कर हर्बल गार्डन बनाने की कार्ययोजना को भी अमल में लाए।
नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के हो प्रभावी इंतजाम
बैठक में मौजूद डीएम ने नमामि गंगे योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सिंचाई विभाग व जल निगम को निर्देश दिया कि वह इस अभियान के तहत राप्ती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराए। इसमें नदी के पानी को प्रदूषित करने के लिए जिम्मेदार शवदाह गृह, अपशिष्ट पदार्थ आदि को नदियों में प्रवाहित करने से रोकने के प्रभावी इंतजाम शामिल हो। साथ ही राप्ती नदी के सतही प्रवाह तथा उप सतही जल (भूजल) के मध्य समग्र संबंध स्थापित करने के प्रयास भी किए जाए।
विलुप्त वनस्पतियों का हो पुन: सृजन
सिंचाई विभाग व वन विभाग को निर्देश दिया कि वह संयुक्त रूप से नदी क्षेत्र में विलुप्त हो चुकी वनस्पतियों का पुन: सृजन का प्रयास करे। साथ ही ठोस अपशिष्ठ के श्रोत स्थान पर उसे पृथक्करण करने की कार्रवाई करने, सूखा व गीला कचरा के डिस्पोजल की व्यवस्था करने, प्लास्टिक अपशिष्ट का डोर टू डोर कलेक्शन कराने की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया जाए। बैठक में सीडीओ, एडीएम, एएसपी सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे। संवाद