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Bahraich News: अब रोजाना पंचायतों में बैठेंगे सचिव

Mon, 19 Jun 2023 10:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए पंचायत भवनों में लगातार कामकाज न होने की शिकायत मिल रही थी। ग्रामीण लगातार पंचायत संबंधी विभिन्न कार्यों के लिए ब्लॉक व जिला मुख्यालय की दौड़ लगा रहे थे। जिस पर विराम लगाने के लिए डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी ने सभी पंचायत सचिवों का रोस्टर निर्धारित किया है।
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अब प्रतिदिन पंचायत सचिव अपने कलस्टर की पंचायत में सुबह 10 बजे से तीन बजे तक रहेंगे। पंचायत भवन छोड़ने से पहले सचिवों को रजिस्टर में दर्ज भी करना होगा। डीपीआरओ के इस आदेश से विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं ग्रामीणों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है।
जिले की 1041 ग्राम पंचायतों की लगभग 20 लाख की आबादी को दौड़ भाग से मुक्ति देने के लिए सरकार की ओर से लाखों रुपये खर्च कर पंचायत भवन का निर्माण करवाया गया है। पंचायत भवन के संचालन के लिए 6000 प्रति माह के मानदेय पर पंचायत सहायकों की नियुक्ति की है। सभी पंचायत भवनों में लाखों रुपये खर्च कर कंप्यूटर से लेकर हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था है। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही थी।
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अक्सर पंचायत भवनों पर ताला लगा होने की शिकायतें मिलती थी। ग्रामीणों को खतौनी, परिवार रजिस्टर की नकल, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि के लिए ब्लॉक व जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही थी। लगातार मिल रही इन शिकायतों पर विराम लगाने के लिए डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी ने सभी पंचायत भवनों में कामकाज का रोस्टर तय किया है।

दो घंटे कार्यालयी काम तो तीन घंटे करना होगा गांव का भ्रमण डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी द्वारा पत्र जारी कर तय किए गए रोस्टर के मुताबिक अब प्रतिदिन पंचायतों में तैनात सचिवों को दो घंटे पंचायत भवन में रहना होगा। पंचायत सचिवों को कलस्टर के तहत उनको मिली हर पंचायत में सप्ताह में कम से कम एक दिन रहना होगा। जिसमें सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पंचायत सचिव कार्यालय में रहकर ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का निस्तारण करेंगे। वहीं इस दौरान ग्राम पंचायत की बैठक भी होगी।
यही नहीं 12 बजे के बाद सचिवों को उनकी पंचायत का भ्रमण करना होगा और पंचायत में जारी विभिन्न कार्यों का जायजा लेना होगा। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी भी लेनी होगी। अगर किसी सचिव को उनकी पंचायत छोड़नी है तो इसके लिए पंचायत भवन में मौजूद रजिस्टर में कारण व समय लिखना होगा।

सार्वजनिक रूप से चस्पा करना होगा रोस्टर
पंचायत सचिवों को कलस्टर के तहत मिली पंचायतों में वह किस दिन, किस पंचायत में रहेंगे, इसका विवरण पंचायत के सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करना होगा। पंचायत भवन के नोटिस बोर्ड पर भी इस विवरण को अंकित करना होगा। बताते चलें कि एक-एक सचिव को तीन से सात तक ग्राम पंचायतें कलस्टर के तहत आवंटित हुई हैं। ऐसे में पंचायत सचिव किस दिन कलस्टर की किस पंचायत में मौजूद रहेंगे, इसका विवरण उन्हें सार्वजनिक तौर पर जगह-जगह चस्पा करना होगा। ताकि ग्रामीण आवश्यकता होने पर उनसे संबंधित पंचायत में संपर्क कर सकें।

सभी पंचायत सचिवों को रोस्टर भेज दिया गया है। इसकी लगातार मॉनीटरिंग की जाएगी। ग्रामीणों को सभी सुविधाएं उनकी पंचायत में मिल सकें। मॉनीटरिंग में अगर कहीं लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- राघवेन्द्र द्विवेदी, डीपीआरओ
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