बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के बिछिया रेंज में शनिवार को वनाधिकार समिति अध्यक्ष व वन टीम के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि रेंजर के नेतृत्व में पहुंची वन टीम ने वनधिकार समिति अध्यक्ष के साथ मारपीट की और उनके ग्राहक सेवा केंद्र पर लूटपाट भी। विवाद की जानकारी होने पर मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और वनटीम को बंधक बना लिया। वहीं ग्रामीणों ने विवाद को लेकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। विवाद की जानकारी होने पर सुजौली थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामला शांत करवाया। पुलिस ने बंधक बनाए गए वनकर्मियों को छुड़वाया।ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति के अध्यक्ष सरोज कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि शनिवार की सुबह वे अपने ग्राहक सेवा केन्द्र पर मौजूद थे। इसी दौरान वन रेंजर विजय मिश्र वन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उनके अभद्रता करने लगे। विरोध पर वन टीम ने उनके साथ मारपीट की।
यही नहीं वन टीम ने उनके ग्राहक सेवा केंद्र में भी लूटपाट की। वन कर्मियों व वनाधिकार समिति अध्यक्ष के बीच विवाद की जानकारी होने पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने वनटीम की कार्यवाही का विरोध शुरु कर दिया। यही नहीं नाराज ग्रामीणों ने वन टीम को बंधक बनाते हुए चौराहे पर बैठा दिया और विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रकरण की सूचना होने पर सुजौली थाना प्रभारी राजेश कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण प्रदर्शन पर अड़े रहे। इसके बाद थाना प्रभारी ने मोबाइल से ग्रामीणों की बात प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप वधावन से करवाई, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन बंद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने वन रेंजर के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि अध्यक्ष पर किया गया हमला पूरे वन अधिकार कानून के ऊपर हमला है। केंद्र व राज्य सरकार जहां वन निवासियों के जीवन को सुधारने के लिए प्रयास कर रही है, वहीं वन कर्मी वन निवासियों को उजाड़ने में लगे हैं।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आकाश दीप वधावन ने बताया कि शुक्रवार की रात कतर्नियाघाट रेंज में चार शिकारी अवैध असलहे के साथ शिकार करते पकड़े गए थे। पूछताछ में उन्होंने बिछिया निवासी किसी गुप्ता का नाम लिया था। इसकी जांच करने के लिए वनटीम शनिवार को पहुंची थी। इसके बाद यह विवाद हुआ है। नियमता वनटीम को जांच में सामने आए व्यक्ति को समन भेज कर बुलाना था, लेकिन टीम सीधे मौके पर पहुंच गयी, जो गलत है। पूरे प्रकरण पर जांच कमेटी बनाकर जांच कराएंगे। जिन भी वन अधिकारियों या कर्मियों का दोष सिद्ध होगा उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।