बहराइच। महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में आने वाले रोगियों को अब महंगी दवाएं खरीदने से निजात मिलेेगी। पीजीआई की तर्ज पर अब मरीजों को सभी जीवनरक्षक दवाएं लगभग आधी कीमत पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए शीघ्र ही एचआरएफ (हॉस्पिटल रिवाल्विंग फंड) की स्थापना करते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर में पटल स्थापित किया जाएगा। जहां से मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीज सस्ती दवाओं की खरीद कर सकेंगे। यह योजना ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी।विभिन्न वस्तुओं के साथ ही दिनोंदिन दवाओं के दाम बढ़ने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में गंभीर बीमारियोंं के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों को भी कई महंगी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन जिले के साथ ही पड़ोसी जिलों श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा व पड़ोसी देेश नेपाल सेे काफी संंख्या में मरीज आते हैं। इनमें सर्वाधिक रोगी ग्रामीण क्षेेत्रों से आते हैं। मेडिकल कॉलेेज के महिला विंंग में सीजेेरियन ऑपरेशन वाली प्रसूूताओं के साथ ही अस्थि रोग विभाग में अपना ऑपरेशन कराने वाले मरीजों के अलावा अन्य रोगों सेे पीड़ित मरीजों को बाहर से महंंगी दवाएं खरीदने के लिए विवश होना पड़ता है। विशेष रूप से एंटीबायोटिक के लिए उन्हें महंंगा शुुल्क अदा करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेेज आनेे वाले मरीजों को अब इस समस्या से निजात मिलेगी। शासन के आदेेश पर अब मेडिकल कॉलेेज में एक करोड़ की धनराशि से एचआरएफ (हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड) की स्थापना की जाएगी। इसके बाद विभिन्न दवा कंपनियों से टाईअप कर दवाएं खरीदी जाएंगी। मेडिकल कॉलेज द्वारा सीधे दवा कंपनियों से दवा खरीदने पर यह काफी सस्ती मिलेंगी। इससे सभी दवाएं मरीजोंं को 40 से 50 प्रतिशत सस्ते दामों पर मुहैया कराई जा सकेंगी। दवाओं के साथ ही चिकित्सा में काम आनेे वाले विभिन्न सर्जिकल उपकरण भी मरीजों को लगभग आधे दाम पर मिल सकेंगे। इससे मरीजों के इलाज पर खर्च भी कम होगा।
मरीजों को कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज में दो जन औषधि केंद्रों की स्थापना लगभग डेढ़ वर्ष पहले कराई गई थी, लेकिन आए दिन इन जन औषधि केंद्रों पर महत्वपूर्ण दवाएं उपलब्ध न होने से लोगों को इस योजना का लाभ बेहतर तरीके से नहीं मिल पाया। कम कीमत पर जेेनेरिक दवाएं न मिलने से लोगों को बाहर से ही दवाएं खरीदने के लिए विवश होना पड़ता है। कई बार उच्चाधिकारियों व मंत्रियों के निरीक्षण के दौरान भी जनऔषधि केंद्रों पर महत्वपूर्ण दवाएं नहीं मिली। इसमें सुधार के प्रयास भी बेअसर साबित हुए हैं।
प्रमुख सचिव चिकित्सा, शिक्षा द्वारा मेडिकल कॉलेज में भी कम कीमत पर मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए शीघ्र ही एचआरएफ बनाते हुए पटल संंचालित कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को सस्ती दवाएं व उपकरण मिलने लगें। डॉ.संजय खत्री, प्राचार्य।