श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज पल-पल रंग बदल रहा है। मंगलवार को निकली धूप बादलों की लुकाछिपी के कारण लोगों को अपनी गर्मी का अहसास न दिला सकी। तेज बर्फीली पश्चिमोत्तर हवाओं ने लोगों को ठंड का अहसास दिलाया, जिससे लोग बेहाल रहे।
जिले में रविवार से मौसम अपना रंग बदल रहा है। सोमवार को खिली धूप ने लोगों में राहत की उम्मीद जगाई। वहीं देर शाम से शुरू हुई बादलों की लुकाछिपी मंगलवार को भी जारी रही। इससे लोगों की यह उम्मीद ज्यादा देर तक कायम न रही। एक तरफ जहां तेज बर्फीली हवाओं के कारण लोगों को सूरज की गर्मी का अहसास नहीं हो सका, वहीं बादलों की लुकाछिपी ने मौसम का मिजाज अचानक बदल दिया। कभी बदली तो कभी धूप से मौसम रंग बदलता रहा। इन सबके बीच करीब सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पश्चिमोत्तर हवाओं से लोगों को ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम की बेरुखी देख किसान ओलावृष्टि की संभावनाओं को लेकर चिंतित हैं। किसानों का मानना है कि इस समय खेत में लगी सरसों लगभग पक चुकी है। अलसी व मसूर में भी फूल आने लगे हैं। कई स्थानों पर आम के बागों में भी बौर आने के लिए कूचे निकल रहे हैं। ऐसे में यदि ओलावृष्टि हुई तो इन फसलों के पूरी तरह बर्बाद होने का खतरा है, जिसकी संभावनाओं को लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं। (संवाद)