बहराइच। रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरुरत है। किसान आसमान में घुमड़ रहे बादलों की ओर टकटकी लगा कर बारिश का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार की शाम तेज हवाओं के साथ हल्की व रविवार की शाम और सोमवार की सुबह भी हल्की बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन खेत तर नहीं हुए। इसके बाद किसान फिर से बारिश के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं।बीते कुछ दिनों के भीतर तराई का मौसम बदला है। जनवरी के शुरुआती दिनों से लगातार जिला भीषण ठंड व कोहरा रहा। इसके बाद लगातार तेज धूप निकल रही थी। धूप के चलते रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं सिंचाई के योग्य हो गई है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीपी शाही ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल को फायदा होगा। खेतों में नमी होने से गेहूं विकास करेगा और किसान खाद डाल सकेंगे। वहीं, सरसों की फसल माहू कीट की चपेट में आ गई है तो यह दिक्कत भी दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि हल्की बारिश से आलू को भी फायदा होगा। बदली रहेगी तो पछेती झुलसा रोग लगने का खतरा है। इससे बचाव के लिए किसान आलू में डाइथेन एम 45 के 200 ग्राम को 100 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव कर सकते हैं।