बहराइच। एक मकान में सोमवार को इतना जबरदस्त विस्फोट हुआ कि आसपास के दो मकान भी जमींदोज हो गए। मकान के मलबे में दबकर एक किशोरी की मौत हो गई और तीन युवतियां बुरी तरह से झुलस गईं। मलबे में गोले और पटाखे के अवशेष मिले हैं। एसडीएम मिहींपुरवा ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी व सीओ राहुल पांडेय ने मौके पर जाकर जायजा लिया।
मोतीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत झाला तरहर निवासी शब्बीर के घर में सोमवार की सुबह अचानक विस्फोट हो गया। शब्बीर की पत्नी जानजहां ने बताया कि उसकी बेटी निशा(16) गैस पर दूध गर्म कर रही थी। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया और निशा की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं विस्फोट से पड़ोसी शफीक और जमील का मकान भी धराशायी हो गया। यहां भी मलबे में दबने से शफीक की तीन बेटियां मैनाज(19), खिताबुन(15) व शहनाज(18) घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती करवाया गया है। वहीं विस्फोट इतना जोरदार था कि जानजहां के मकान की छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसका मलबा लगभग 500 मीटर तक बिखर गया। सूचना पर जालिमनगर चौकी व मोतीपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मलबे को हटाने में जुट गई। कुछ मवेशियों के भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
जानजहां के घर में धमाके के बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं इस दौरान घर में गोला पटाखा का सामान रखे होने की चर्चा रही। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों की मानें तो घर में गोला पटाखा का सामान रखा था। सिलेंडर में विस्फोट के बाद उसमें भी धमाका हो गया जिसके चलते घटना और गंभीर हो गयी। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ी। हालांकि पुलिस ने गोला व पटाखा रखा होने की बात से मना किया। मोतीपुर थाना प्रभारी मुकेश सिंह ने बताया कि जिन घरों में धमाका हुआ उससे कुछ दूरी पर रहने वाले निसार अहमद के पास पटाखे का लाइसेंस है। जिन घरों में धमाका हुआ उनके यहां कोई पटाखा नहीं रखा था। जानजहां ने अपने बयान में भी सिलिंडर में विस्फोट की बात कही है। लेकिन अगर घटना स्थल पर पटाखे के अवशेष मिले हैं तो उसकी जांच की जाएगी।
घटना की जानकारी होने पर एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी व सीओ राहुल पांडेय भी घटना स्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को तत्काल दो-दो कंबल, तिरपाल और गांव के कोटेदार को राशन उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने लेखपाल को क्षतिग्रस्त मकानों का मुआयना कर हानि की रिपोर्ट तैयार करने व दैवीय आपदा कोष से मुआवजा देने को भी कहा।