बहराइच। शासन व प्रशासन की उदासीनता के चलते नगरवासियों को सीवर लाइन जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिल पा रही है। जहां शहर की करीब ढाई लाख से अधिक की आबादी सीवरलाइन को तरस रही है वहीं जनप्रतिनिधि भी इस काम में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
जिले की सदर नगरपालिका की आबादी करीब ढाई लाख से अधिक है। देश को आजादी मिलने के बाद पूरी तरह अस्तित्व में आई जिले का सदर नगर पालिका आज भी अंग्रेजों के समय बनाई गई व्यवस्था के सहारे ही चल रहा है। शहरवासियों को सीवर लाइन जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है। अंग्रेजी हुकूमत में शहर के मुख्य बाजार में बिछाई गई एक मात्र सीवर लाइन मौजूदा समय में जर्जर है। अंग्रेजों के समय बनाई गई सीवर लाइन का नक्शा पालिका प्रशासन के पास नहीं हैं।
ऐसे में देखरेख व साफ-सफाई के अभाव में सीवर लाइन आए दिन चोक होता रहता है। शहर के मुख्य नालों पर अतिक्रमण के चलते मुख्य बाजार की जलनिकासी इसी जर्जर सीवर लाइन के माध्यम से की जा रही है। बरसात के दिनों में शहर का मुख्य बाजार जलभराव की चपेट आ जाता है। शासन की ओर से एक लाख से अधिक की आबादी वाली नगर पालिका व नगर पंचायतों में सीवर लाइन की स्वीकृति देने की व्यवस्था है, लेकिन शहर की आबादी के हिसाब से शासन की व्यवस्था परवान नहीं चढ़ पा रही है।
टैंक व नालों के सहारे शहरवासी चला रहे कार्य
शहर में ज्यादातर लोग अपने घरों में टैंक बनाकर व्यवस्था को संचालित करा रहे हैं। जबकि कुछ लोग स्वयं से पाइप लाइन डालकर सीवर का गंदा पानी नालों के माध्यम से निकाल रहे हैं। हालात ये हैं कि सीवर का गंदा पानी नालों के माध्यम से निकालकर शहर के बाहर सरयू नदी में फेंका जा रहा है।
पालिका प्रशासन के पास नहीं है अधिकार
शहर में कहीं भी पालिका प्रशासन की ओर से सीवर लाइन का निर्माण नहीं कराया गया है। इसके लिए कभी भी न ही कोई प्रस्ताव गया है और न ही कभी भी शासन की ओर से कोई धन आवंटित हुआ है। सीवर लाइन का प्रस्ताव शासन तक भेजने का पालिका प्रशासन के पास अधिकार नहीं हैं। अभी अमृत पेयजल योजना के तहत जलनिगम की ओर से पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। अभी सीवर लाइन की बिछाने की कोई कार्ययोजना की जानकारी नहीं हैं, शीघ्र ही सीवरलाइन का कार्य शुरू कराया जाएगा।
बालमुकुंद मिश्रा- ईओ नगर पालिका परिषद
स्वच्छता मिशन बना मजाक
केंद्र व प्रदेश सरकार स्वच्छता मिशन पर करोड़ो खर्च कर रही है। स्वच्छता मिशन के तहत सरकार शौचालय बनाने पर भी जोर दे रही है, लेकिन शहरवासियों की मूलभूत व्यवस्था सीवर लाइन बनवाने में सरकार कोई दिलचस्पी नहीं ले रही। इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छता मिशन मजाक बनकर रह गई है।
मोहम्मद कैफ- निवासी अकबरपुरा
प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को होना होगा गंभीर
जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को शहर में लोगों के लिए सीवर लाइन की व्यवस्था कराने के लिए शासन स्तर पर गंभीर होना पड़ेगा। आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी शहर में सीवर लाइन की व्यवस्था न होना गंभीर विषय है। इस पर जिम्मेदारों को मंथन करना होगा।
पवन- निवासी गुदड़ी