बहराइच। नेेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के लिए बलरामपुर रोड पर 51 एकड़ की जमीन पर एसएसबी की 42वीं बटालियन स्थापित की जाएगी। जिले में एसएसबी की दो बटालियन हैं लेकिन एक बटालियन के पास अपना परिसर व कार्यालय नहीं था। अब जल्द ही एसएसबी की 42वीं बटालियन को नया परिसर मिलने जा रहा है। इसके लिए शहर से निकले बलरामपुर मार्ग पर 51 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एसएसबी के नाम पर हो गई है। अब केंद्र सरकार से बजट मिलने के बाद यहां जल्द ही कार्यालय के साथ आवास, बैरक, अस्पताल आदि का निर्माण शुरू हो सकेगा।
अभी तक जिले में नेपाल सीमा के करीब तहसील नानपारा अंतर्गत अगैय्या चौराहे पर स्थित एसएसबी की 59 बटालियन में ही 42वीं बटालियन के जवान भी रह रहे हैं। इस 42वीं बटालियन का आशियाना पहले बहराइच के कल्पीपारा में हुआ करता था। लेकिन बटालियन और उच्च अधिकारियों ने नानपारा के हांडा बसेहरी के पास 75 एकड़ जमीन पर अपनी बटालियन के लिए जमीन देखी और एसएसबी के नाम जमीन भी ट्रांसफर हो गयी थी। लेकिन किसानों ने विरोध किया कि एक जगह पर दो-दो बटालियन होने का विरोध किया और मामला कोर्ट में चला गया।
इसमें कोर्ट ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद एसएसबी ने फिर जमीन की तलाश शुरू की और बहराइच से बलरामपुर रोड पर धरसवा के पास 51 एकड़ जमीन खरीदी और वहां पर एक टुकड़ी भेज कर अपना कब्जा कर लिया। एसएसबी के कमांडेंट तपन दास ने बताया कि गृह मंत्रालय से बजट जारी होने पर वहां पर जल्द ही अस्पताल, बैरक, आवास और कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। बताया जल्द ही पूरी बटालियन वहीं पर स्थापित होगी।
जंगल से लेकर सीमा की सुरक्षा में एसएसबी अलर्ट
जिले की करीब 90 किलोमीटर खुली सीमा नेपाल से सटी है। इसी इलाके में कतर्नियाघाट जंगल भी पड़ता है। ऐसे में पूरी सीमा की सुरक्षा मजबूत करने के लिए जगह-जगह पर एसएसबी के जवान तैनात हैं। रूपईडीहा में जहां कैंप कार्यालय बना है वहीं जंगल इलाके में भी कई जगह पर एसएसबी की चौकियां है जहां पर तैनात जवान रात-दिन सीमा की निगरानी कर संदिग्धों पर नजर रखते हैं।