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Bahraich News: बाढ़ का पानी घटा तो सामने आईं और दुश्वारियां

Wed, 10 Jul 2024 02:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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मिहींपुरवा के जंगल गुलरिया में बाढ़ के पानी में डूबे मकान व रास्तें में ठेले पर बैठे ग्रामीण। 
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बहराइच/मिहींपुरवा।
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जिले की तीन तहसीलों में बाढ़ के पानी से घिरे 50 से अधिक गांवों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे निकलने लगा है। लेकिन पानी निकलने के साथ-साथ ग्रामीणों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। बाढ़ के पानी के तेज बहाव से जहां दर्जनों रास्ते कट जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है तो वहीं कई कच्चे व फूस के घर क्षतिग्रस्त होने से लोग परेशान हैं। यही नहीं घरों में रखा राशन भीगने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के सामने खाने की भी दिक्कत हो रही है।

जिले में लगातार एक सप्ताह तक रुक-रुक कर हुई बारिश व नेपाली नदियों-नालों से आए पानी से सरयू उफना गई और और मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भर गया था। मंगलवार से बाढ़ का पानी घटना लगा। लेकिन बाढ़ प्रभावित बर्दिया, चहलवा, पारसपुरवा, जंगल गुलरिहा, रामपुर, रेतिया, बडखडिया, धनियाबेली, सुजौली, मंझरा, गिरगि्ट्टी, सोमईगौढी आदि के ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। बाढ़ के तेज बहाव से दर्जनों रास्ते क्षतिग्रस्त हो जाने से आवागमन प्रभावित है और कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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जंगल गुलरिहा के ग्राम प्रधान शिव कुमार ने बताया कि सुजौली से रामपुर रेतिया जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। भैंसा बुडना व धरमपुर रेतिया जानें वाले रास्ते बाढ़ के पानी से कट गए हैं। कई कच्चे घर क्षतिग्रस्त हो गए और छप्पर बाढ़ के पानी के साथ बह गए। सुजौली के ग्राम प्रधान राजेश गुप्ता ने बताया कि ग्राम पंचायत पारसपुरवा, त्रिलोकी गौढी, टिलवा आदि गांवों में सड़कें कट गई हैं। कई घरों को नुकसान हुआ है। मंझरा ग्राम प्रधान पुष्पा देवी ने बताया कि अभी हाल में लगभग एक करोड़ रुपये से बनी पीडब्ल्यूडी की सड़क का लगभग 20 मीटर हिस्सा व दो पुलिया बाढ़ आने से पहले धराशायी हो गई थी। बाढ़ से टूटी सड़क व पुलिया की जगह तेज पानी बह रहा है, जिससे आवागमन बंद है।

खतरे के निशान से 53 सेमी ऊपर सरयू: सरयू नदी में तीनों बैराजों से पानी छोड़ा जाना लगातार जारी है, जिससे सरयू खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं बाढ़ का पानी दर्जनों गांवों में घुस गया है। मंगलवार की दोपहर सरयू में शारदा बैराज से 1,83,480 क्यूसेक, गिरजापुरी बैराज से 1,64,038 क्यूसेक व सरयू बैराज से 275 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तीनों बैराजों से कुल 3,47,793 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे सुबह एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.606 मीटर दर्ज किया गया है। जो खतरे के निशान 106.070 मीटर के सापेक्ष 53 सेंटीमीटर ऊपर रहा।

महसी के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी बरकरार

महसी। तहसील क्षेत्र में सोमवार को उफनाई सरयू ने दर्जनों गांवों लीलापुरवा, केवलपुर, पंचदेवरी, मूरौवा, पिंपरी, कोढवा, पिपरा, कायमपुर, जरमापुर, टिकुरी, मुरौवा, कुरमिनपुरवा आदि को अपनी जद में ले लिया था। इन गांवों में भारी मात्रा में बाढ़ का पानी घुसने से आवागमन बाधित होने के साथ ही लोगों के सामने शुद्ध पेयजल की समस्या हो गई है। मंगलवार को एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह, तहसीलदार रविकांत द्विवेदी, नायब तहसीलदार सौरभ सिंह ने बाढ़ प्रभावित कायमपुर, गोलागंज आदि गांवों का दौरा किया। तहसीलदार रविकांत द्विवेदी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व निरीक्षक व राजस्व कर्मियों को तैनात कर दिया गया। बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा हैं।

एक दर्जन घर बाढ़ के पानी में समाए

खैरीघाट(बहराइच)। बाढ़ के पानी की दुश्वारी के बीच सरयू ने अब कटान भी शुरू कर दी है। सरयू की लहरों ने शिवपुर विकासखंड में एक दर्जन घरों व 60 बीघे से अधिक कृषि योग्य भूमि को निगल लिया है। ब्लॉक स्तरीय अधिकारी निरीक्षण में जुटे हैं। क्षेत्रीय लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया की बौंड़ी ग्राम पंचायत के दुइजीपुरवा गांव निवासी पहलवान, भोलानाथ, हरिराम, राकेश, राजेंद्र, मीरा देवी, अजय कुमार, ओमप्रकाश, अमिरका प्रसाद, अमृतलाल, सुरेश कुमार, सुग्रीव प्रसाद आदि के घर नदी में समाहित हो गए हैं। साथ ही श्याम बिहारी, रमेश चंद्र, मीरा देवी, जानकी, कुंवारी, सुंदर आदि लोगों की लगभग चार हेक्टेअर कृषि योग्य भूमि और अंबरपुर गांव निवासी नरेंद्र कुमार व कमला प्रसाद आदि की लगभग 1.5 हेक्टअर गन्ना लगी भूमि नदी में समाहित हो गई है। लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया की दुइजीपुरवा में 55 व पसियनपुरवा में 26 परिवारों को त्रिपाल वितरण किया गया है। (संवाद)
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बाढ़ में डूबी 10 परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई

खैरीघाट/फखरपुर (बहराइच)। महसी क्षेत्र के 10 विद्यालयों में बाढ़ का पानी भर गया, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया। पानी अधिक होने के कारण शिक्षक स्कूल तक नहीं पहुंच सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। मंगलवार को बाढ़ आ जाने के कारण महसी के उच्च प्राथमिक विद्यालय गरेठी गुरुदत्त सिंह, प्राथमिक विद्यालय चमारन पुरवा, कंपोजिट विद्यालय चौहानन पुरवा, प्राथमिक विद्यालय चुरई पुरवा, प्राथमिक विद्यालय भेंठ, प्राथमिक विद्यालय अंगरौरा दुबहा, प्राथमिक विद्यालय बबुरी, कंपोजिट विद्यालय केवलपुर, प्राथमिक विद्यालय केवलपुर में पानी भरा गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय जानकीनगर में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। फखरपुर के ग्राम पंचायत घरेहरा नकदिलपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय अटोडर जलमग्न हो गया है। बच्चे व शिक्षक पानी में खड़े रहे। खंड शिक्षाधिकारी राम तिलक वर्मा ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कंपोजिट विद्यालय बकैना व पिपरी मोहन विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है।

मिहींपुरवा के जंगल गुलरिया में बाढ़ के पानी में डूबे मकान व रास्तें में ठेले पर बैठे ग्रामीण। 

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