बहराइच। जिला मुख्यालय पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही मेडिकल कॉलेज का भवन तैयार कर उसका संचालन भी शुरू कर दिया गया। कॉलेज में कक्षाओं का संचालन भी किया जा रहा है। जबकि मेडिकल कॉलेज में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय के परिसर में भी विभिन्न भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अनियमितताओं व छात्रों की सुरक्षा को लेकर नगर मजिस्ट्रेट की ओर से प्राचार्य को विभिन्न बिंदुओं पर नोटिस जारी की गई है।
किसान स्नातकोत्तर जाने वाले मार्ग पर बने मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में पूर्ण किया गया था। इसके बाद यहां मेडिकल की कक्षाएं भी संचालित की जाने लगीं। जबकि जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर यहां मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज संचालित होते हुए लगभग चार वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। वर्तमान समय में यहां तीसरे बैच की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद भी अभी तक यहां काफी अनियमितताएं बनी हुई हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय परिसर में भी नए भवन के साथ ही चिकित्सकों व कर्मियों के लिए भी आवासीय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। पुराने महिला अस्पताल से लगा हुआ ओटी व वार्ड के निर्माण का कार्य भी जोरों पर है।
इन भवनों के निर्माण कार्य में भी कई अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं। जिसका संज्ञान लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट ने प्राचार्य को नोटिस जारी की है। मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण से संबंधित स्वामित्व अभिलेख जैसे बैनामा या खेतौनी भी प्रस्तुत नहीं की गई है। इसके साथ ही लेबर गणना प्रपत्र, भूकंपरोधी प्रमाण पत्र, अग्निशमन विभाग की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र समेत अन्य अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। भूकंपरोधी प्रमाण पत्र व अग्निशमन विभाग की ओर से एनओसी न मिलने से मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि भवन का निर्माण भूकंपरोधी नहीं हुआ है तथा अग्निशमन विभाग अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है तो छात्र-छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। यह भी अहम सवाल बना हुआ है। इन बिंदुओं का संज्ञान लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट ज्योति राय ने प्राचार्य को नोटिस जारी करते हुए शीघ्र ही अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
डेंजर जोन छह में शामिल है जनपद
भूकंप की दृष्टि से जनपद सर्वाधिक संवेदनशील डेंजर जोन छह में शामिल है। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण भवन को भूकंपरोधी न बनाए जाने से यहां अध्ययनरत मेडिकल छात्र-छात्राओं व प्रोफेसरों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि कोई अनहोनी हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। यह सवाल भी लोगों को परेशान कर रहा है।
छह बिंदुओं पर मांगा गया है जवाब
मेडिकल कॉलेज की ओर से स्वामित्व अभिलेख समेत अन्य छह बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। यदि शीघ्र ही सभी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। -ज्योति राय, नगर मजिस्ट्रेट।
नहीं है कोई जानकारी
मेडिकल कॉलेज निर्माण के बाद मेरी यहां तैनाती की गई है। ऐसे में कौन से अभिलेख प्रशासन को दिए गए या नहीं। इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को ही इस संबंध में जानकारी होगी। -एके साहनी, प्राचार्य।