पयागपुर सीएचसी पर प्रसूताओं के साथ संवेदनहीनता का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब मामला निरहूपुर गांव सेुड़ा है। गांव निवासी एक प्रसूता को शुक्रवार देर रात सीएचसी लाया गया। यहां उसने बेटे को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। इस पर स्टाफ नर्स ने बिना डॉक्टर के संज्ञान में लाए प्रसूता को महिला अस्पताल रेफर कर दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारीजन उसे महिला अस्पताल लाने में असमर्थता जता दी। सुबह करीब साढ़े छह बजे डॉक्टर को सूचित किया गया, लेकिन तब तक प्रसूता ने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया है। परिवारीजनों ने सीएचसी पर हंगामा भी किया। उन्हें समझा बुझाकर किसी तरह शांत किया गया।
गोंडा जिले के बनगाई निवासी सुमन (26) इन दिनों अपने मायके विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के निरहूपुर गांव आ गई थी। शुक्रवार की देर शाम सुमन को प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
इस पर मायके वालों ने उसे रात 11:20 बजे पयागपुर सीएचसी पहुंचाया। यहां ड्यूटी पर मिलीं स्टाफ नर्स स्नेहलता व श्रद्धा गौड़ ने उसे भर्ती किया।
साढ़े 11 बजे सुमन ने बेटे को जन्म दिया। बच्चा स्वस्थ्य है। लेकिन प्रसव के बाद उसे पैरों में तेज दर्द व ऐंठन शुरू हो गई। खून का स्राव होने लगा।
यह देख नर्स स्नेहलता व श्रद्धा ने रात करीब दो बजे सुमन को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे मायके वालों ने सुमन को जिला महिला अस्पताल पहुंचा पाने में असमर्थता जता दी।
इस बीच उसकी हालत बिगड़ती चली गई। शनिवार की सुबह साढ़े छह बजे सुमन की हालत ज्यादा बिगड़ गई और शरीर सुन्न पड़ने लगा।
नर्स की सूचना पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. एनबी जायसवाल जब तक पहुंचे, सुमन की मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
तीमारदारों ने स्टाफ नर्स स्नेहलता व डॉक्टर पर उपचार में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अधीक्षक ने जांच का भरोसा दिलाकर मामले को शांत कराया है।
नर्स ने नहीं दी थी जानकारी, होगी जांच
प्रसूता के संबंध में स्टाफ नर्स ने कोई जानकारी नहीं दी थी। बिना सूचना दिए प्रसूता को रेफर भी किया गया। यह गंभीर मामला है। मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
-डॉ. एनबी जायसवाल, सीएचसी अधीक्षक
दस दिन में दो महिलाओं की हो चुकी मौत
पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवती महिलाओं के साथ संवेदनहीनता बरती जा रही है। आठ दिन पूर्व एक प्रसूता महिला और नवजात ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था। लेकिन स्वास्थ्य महकमे ने उससे सबक नहीं लिया। जिसके चलते शुक्रवार रात पुन: एक प्रसूता की मौत हो गई।