खैरीघाट (बहराइच)। खैरीघाट क्षेत्र में 27 दिनों से दो शावकों के साथ सक्रिय मादा तेंदुए को पकड़ने में अभी तक वन विभाग को सफलता नहीं मिल सकी है। बुधवार को टीम हथिनी के साथ क्षेत्र में कांबिंग करती रही। तेंदुए के लगातार ठिकाना बदलने से ग्रामीण दहशत में हैं। किसानों के खेतों में न जाने से फसल बर्बाद हो रही है।
बीते एक माह से क्षेत्र में तेंदुए की दहशत है। इसके हमले में जहां तीन मौत हो चुकी है वहीं 6 से अधिक लोग घायल हो गए है। दहशत ऐसी है कि किसानों ने खेत जाना बंद कर दिया है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। तेंदुआ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है।
रेंजर नानपारा रेंज हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए 11 पिंजरे लगाए गए है। 40 कैमरे, 3 ड्रोन कैमरा, थर्मल ड्रोन कैमरा से रात में निगरानी की जाती है। कतर्नियाघाट से चंपाकली हथिनी को भी दोबारा लाया गया है। वन कर्मी लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं। वह जंगलों व गन्ने के खेतों में नहीं जाने को कह रहे हैं।
क्षेत्र मे गन्ने की फसल ज्यादा होने के कारण तेंदुए की तलाश करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग सतर्कता बरतें। जल्द तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।
- संजय शर्मा, डीएफओ वन प्रभाग बहराइच