बहराइच। गरीब परिवारों के मुखिया की मृत्यु पर सरकार 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है, ताकि परिवार के लोग कोई रोजगार कर गुजर बसर कर सकें। जिले के जिम्मेदार गरीब परिवारों को मिलने वाली इस मदद को लेकर संवेदनहीन हैं। 2021 से अब तक योजना के तहत आवेदन करने वाले 836 परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। लोग कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के मुखिया की अचानक मौत होने पर पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की त्वरित सहायता दी जाती है। इसके लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का संचालन किया जाता है। जिसके तहत परिवार का भरण-पोषण करने वाले व्यक्ति की मौत पर परिजन ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करते हैं। आवेदन की जांच के बाद उन्हें सहायता राशि दी जाती है।
लेकिन जिले के हुक्मरानों के संवेदनहीन रवैए के चलते इस योजना के लिए आवेदन करने वाले 836 परिवारों को अभी तक सहायता राशि नहीं मिल सकी है। लापरवाही इस कदर हो रही है कि लंबित आवेदनों में 50 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने साल 2021-22 में आवेदन किया था। उन्हें आज तक सहायता राशि नहीं मिली है। 786 आवेदन साल 2022-23 के हैं।
मई में लंबित आवेदनों के सत्यापन की कवायद शुरू
मृतक परिवारों को सहायता राशि दिलवाने के लिए जिम्मेदार कितना सजग हैं, इसकी बानगी योजना का लाभ दिलवाने में की गई कार्यवाही में देखने को मिलती है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक योजना के लंबित 836 आवेदनों के सत्यापन के लिए मई में विभिन्न तहसीलों को पत्र जारी किया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा जारी इस पत्र में सभी एसडीएम ने उनके तहसील क्षेत्र में लंबित आवेदनों का सत्यापन कर उनकी हार्ड कॉपी जमा करने की बात कही गई है।
544 का हो गया सत्यापन, जल्द मिलेगा लाभ
जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि विभिन्न तहसीलों को पत्र लिखकर सत्यापन करने और हार्ड कॉपी जमा करने को कहा गया था। 544 आवेदनों का सत्यापन हो गया है और हॉर्ड कॉपी आ गई है। शेष 291 का सत्यापन शीघ्र करवा लिया जाएगा। शासन की ओर से बजट मिलते ही सभी परिवारों को योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पारिवारिक लाभ योजना की वेबसाइट का अपडेशन कार्य चल रहा है, जिसके चलते भी परेशानी हो रही है।