बहराइच। आरटीआई कार्यकर्ता को भ्रामक सूचना उपलब्ध कराने व आयोग द्वारा निर्धारित की गई पेशी में उपस्थित न होने पर राज्य सूचना आयुक्त ने जिले के तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक को 25 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में सूचना आयुक्त ने संयुक्त शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल को तत्कालीन डीआईओएस के खाते से अर्थदंड की धनराशि वसूलने का आदेश दिया है। जिले के तत्कालीन डीआईओएस मौजूदा समय उन्नाव जिले में कार्यरत हैं।
जिले के आरटीआई कार्यकर्ता रोशन लाल नाविक ने वर्ष 2018 में जिले में तैनात रहे जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र पांडेय से तीन बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थी। सूचनाओं में आरटीआई कार्यकर्ता ने शैक्षिक वर्ष 2015-16, 2016-2017 और 2017-18 में किन-किन अध्यापकों व प्राचार्यों का नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित किया था। चयन में जो कमेटी बनाई गई थी, कमेटी के सदस्यों की सूची और राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की पत्रावली की छाया प्रति उपलब्ध कराने की सूचनाएं उपलब्ध कराने मांग की गई थी।
वांछित सूचनाएं प्राप्त न होने पर वादी आरटीआई कार्यकर्ता ने 21 नवबंर 2018 को प्रथम अपील अपीलीय अधिकारी/संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा, मंडलीय कार्यलाय को प्रेषित किया था। आरटीआई कार्यकर्ता नाविक ने बताया कि इस दौरान सूचना आयुक्त की ओर से कई बार पेशी की तारीख नियत कर डीआईओएस को हाजिर होने व सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन डीआईओएस की ओर सूचनाएं उपलब्ध कराने में हमेशा हीलाहवाली बरती गई। इस दौरान डीआईओएस का स्थानांतरण गैर जनपद हो गया।
इसके बावजूद उन्होंने सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराईं। जिसको संज्ञान में लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त सुभाषचंद्र सिंह ने डीआईओएस को 25 हजार के अर्थदंड से दंडित करते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल को तत्कालीन डीआईओएस के खाते से अर्थदंड की धनराशि की वसूली करने का निर्देश दिया है। तत्कालीन डीआईओएस पांडेय मौजूदा समय उन्नाव जिले में कार्यरत हैं।