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Bahraich News: हाईकोर्ट ने मनरेगा लोकपाल का आदेश किया बहाल

Wed, 29 Mar 2023 11:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच। हुजूरपुर के नकहरा अब्बोपुर में मनरेगा लोकपाल की जांच में पकड़े गए 7.29 लाख के भ्रष्टाचार के मामले में नया मोड़ आ गया है। मनरेेगा अपीलीय अथॉरिटी ने जहां मनरेगा लोकपाल के आदेश को रद्द करते हुए प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक को क्लीन चिट दी थी वहीं अब हाईकोर्ट ने अथॉरिटी के आदेश पर रोक लगा दी है।
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हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रजनीश कुमार ने मनरेगा लोकपाल का एफआईआर दर्ज कराने व 7.29 लाख रिकवरी का आदेश बहाल कर दिया है। इसके बाद से जिला प्रशासन में खलबली मची हुई है। हुजूरपुर की ग्राम पंचायत नकहरा अब्बोपुर निवासी एयरफोर्स कर्मी सुनील सिंह ने मनरेगा लोकपाल को शिकायती पत्र देकर गांव में हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। लोकपाल मनरेगा उमेश तिवारी ने स्थलीय निरीक्षण कर जांच की थी।
जांच में 7.29 लाख का भ्रष्टाचार उजागर हुआ था। इसके बाद मनरेगा लोकपाल ने ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक पर मुकदमा दर्ज करवाने और 7.29 लाख रुपये की तीनों से समान रिकवरी करवाने का आदेश दिया था। लोकपाल के आदेश पर कोई कार्रवाई न होने पर सुनील सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने आदेश का पालन करवाने का आदेश दिया था। इस बीच प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक ने मनरेगा अपीलीय अथॉरिटी में भी पत्र दिया था। 23 फरवरी, 2023 को अपीलीय अथॉरिटी ने मनरेगा लोकपाल के आदेश को रद्द कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता सुनील सिंह ने अथॉरिटी के आदेश के खिलाफ एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण ली। सुनील की ओर से अधिवक्ता आशीष सिंह ने बहस की। इसके बाद न्यायमूर्ति रजनीश कुमार ने अपीलीय अथॉरिटी के आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट के अधिवक्ता आशीष सिंह ने बताया कि न्यायमूर्ति ने प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक पर मुकदमा दर्ज करवाने व रिकवरी का आदेश बहाल कर दिया है। साथ ही अपीलीय अथॉरिटी को हलफनामा दायर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। 17 अप्रैल को फिर सुनवाई होगी।
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नकहरा अब्बोपुर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप के प्रकरण में अब तक कई मोड़ आ चुके हैं। सुनील सिंह की शिकायत के बाद 31 मई को मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी ने प्रधान प्रमोद श्रीवास्तव, सचिव दीपक कुमार व तत्कालीन तकनीकि सहायक पर एफआईआर व रिकवरी का आदेश दिया। जिस पर हाईकोर्ट में रिट दायर होने के बाद डीएम ने प्रकरण की जांच करवायी और 12 दिसंबर 2022 को लोकपाल के आदेश को निरस्त कर दिया। जिसके बाद बिना अधिकार के लोकपाल का आदेश निरस्त करने पर शिकायत कर्ता ने हाईकोर्ट में अवमानना दायर कर दी और डीएम पर अवमानना की तलवार लटक गयी। जिसके बाद 14 फरवरी को बीडीओ ने लोकपाल के आदेश का पालन करवाते हुए हुजूरपुर थाने पर तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी। वहीं 23 फरवरी को मनरेगा अपीलीय अथॉरिटी ने लोकपाल के आदेश को फिर निरस्त कर दिया। वहीं अब एक बार फिर हाईकोर्ट ने मनरेगा लोकपाल के आदेश को बहाल कर दिया। लगातार जारी उठापटक जिले में चर्चा का विषय बनी है।
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