बहराइच। किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में क्षेत्रीय इतिहास के नायकों को पाठ्यक्रम में शामिल कर राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मध्यकालीन इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्यभूषण सिंह ने यह जानकारी दी। महाविद्यालय स्वायत्तशासी बना। प्रबंध समिति के सचिव मेजर डॉ. पुलिस अधीक्षक सिंह के प्रयासों से महाराजा सुहेलदेव और चहलारी नरेश वीर बलभद्र सिंह को स्नातकोत्तर कला (मध्यकालीन इतिहास) पाठ्यक्रम में शामिल किया गया। इससे छात्र-छात्राएं उनके ऐतिहासिक योगदान और बलिदान से परिचित हो सकेंगे। चहलारी नरेश वीर बलभद्र सिंह ने 1857 की क्रांति में अवध सेना का नेतृत्व किया। उन्होंने 13 जून 1858 को नवाबगंज, बाराबंकी के ओबरी युद्ध में अंग्रेजों का सामना किया और रेठ नदी तट पर वीरगति पाई।