बहराइच। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 927 पर अगर डिवाइडर बना होता तो बुधवार को बस व ट्रक की हुई भीषण भिड़ंत में छह लोगों की जान को बचाया जा सकता है। जरवल रोड थाना क्षेत्र के घाघरा घाट रेलवे स्टेशन के समीप ट्रक व रोडवेज बस में हुई इस भिड़ंत में पांच बस यात्रियों व एक ट्रक चालक की जान गई थी। हादसे के लिए ट्रक चालक की लापरवाही के साथ ही अब बीते लंबे समय से इस मार्ग पर डिवाइडर बनाने की मांग को नजरअंदाज किया जाना भी माना जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग एन एच 927 पर सिर्फ प्रमुख कस्बों में ही डिवाइडर बने हैं। इसी कारण बड़े वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार आए दिन आमने-सामने की टक्कर का सबब बन लोगों की जान ले रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 927 पर बाराबंकी से रुपईडीहा के बीच 18 ब्लैक स्पॉट हैं। जहां पर हादसों को रोकने के लिए सिर्फ रेडियम बोर्ड लगाए गए हैं। इससे पहले भी यह हाईवे मार्ग इस तरह की कई भीषण दुर्घटनाओं का सबब बन चुका है। जानलेवा हादसे होने पर हर बार क्षेत्रीय लोगों के स्तर से हाईवे पर डिवाइडर बनाने की मांग को जिम्मेदार नजरअंदाज कर देते हैं। बुधवार को हुए जानलेवा हादसे के बाद इस राजमार्ग पर डिवाइडर बनाने की मांग फिर तेज हो गई है। जरवरोड निवासी सरफराज खान, अखिलेश सिंह, कैसरगंज निवासी रामू मिश्रा, देवेश सिंह, फरखरपुर निवासी सुखलाल आदि ने बताया कि अगर राजमार्ग पर डिवाइडर बन जाए तो बड़े वाहनों में होने वाली आमने सामने की टक्कर को काफी हद तक रोका जा सकता है।
छह सालों में लगभग लगभग 1700 ने गंवाई जान
राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 927 पर बीते छह साल में लगभग 3200 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें अब तक करीब 1700 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि घायलों की संख्या का आंकड़ा 2400 के करीब है। इसके बावजूद एनएचआई प्रबंधन राजमार्ग पर बड़े वाहनों के बीच होने वाली आमने सामने की टक्कर से जुड़े जानलेवा हादसों को रोकने के लिए कोई भी ठोस कार्ययोजना अमल में नही ला पाया है।
गमनीन माहौल में अंतिम संस्कार
बुधवार सुबह हुए सड़क हादसे में बौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत डोकरी निवासी विपिन शुक्ला की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया। गुरुवार को गमगीन माहौल में मृतक विपिन का दाह संस्कार पूरे शोकाकुल माहौल में परिजनों ने किया।
पुलिस पकड़ से दूर मुख्य ट्रक चालक
रोडवेज बस व ट्रक की भिडंत में शुरूआती तौर पर ट्रक चालक की लापरवाही सामने आई थी। रोडवेज बस में सवार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक का मुख्य चालक सीट पर आराम से बैठा था जबकि खलासी ड्राइविंग सीट पर बैठा ट्रक चला रहा था। हादसे में मुरादाबाद निवासी खलासी आरिश (18) की भी मौत हो गई थी। वहीं मौके से भाग निकला मुख्य ट्रक चालक घटना के बाद दूसरे दिन भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
हाईवे पर हादसा रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए है। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे दूर कराया जाएगा। प्रमोद यादव, एनएचएआई अभियंता