बहराइच में विवाद के दूसरे दिन बाजार में बंद दुकानें व तैनात पुलिसकर्मी। -संवाद
-सोमवार शाम ढलते-ढलते हिंसा प्रभावित इलाके में पूरी तरह पसरा सन्नाटा
-घरों में कैद रहे लोग, दहशत का माहौल, पुलिस की गश्त जारी
माई सिटी रिपोर्टर
बहराइच।
हिंसा ने रामगोपाल के परिवार को जिंदगी भर का गम दिया। परिवार और इलाका गम में डूबा है। गम के साथ गुस्सा भी है। वह हर कीमत पर इंसाफ चाहते हैं। वहीं सोमवार शाम ढलते-ढलते हिंसा प्रभावित इलाके में सन्नाटा पसर गया।
दोपहर बाद बवाल काबू होने के बाद पुलिस, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई। लगातार गश्त जारी है। इलाके के लोग दहशत में हैं। इसलिए अधिकतर घरों में कैद रहे। छिटपुट लोग ही घर के बाहर निकले। वह भी शाम ढहते-ढलते पूरी तरह से घर में कैद हो गए। कदम-कदम पर पुलिस की मौजूदगी है। हर आने जाने वाले से पूछताछ की जा रही है।
शाम तक धधकता रहा शोरूम
करीब आठ सौ मीटर के क्षेत्र में जगह-जगह वाहनों में आग लगाई गई। दो शोरूम व एक अस्पताल भी इसी दायरे में है। कई गाड़ियां तोड़ी गईं। सारे सुबूत हिंसा और बवाल के गवाही दे रहे हैं। बाइक शोरूम देर शाम सात बजे तक धधकता रहा। किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि कोई उसको बुझाए। शोरूम मालिक वहां से जा चुके हैं।
खुलकर बोलने को तैयार नहीं लोग
हिंसा प्रभावित इलाके के लोग डरे हुए हैं। वह मीडिया से बात करने को राजी नहीं हो रहे थे। एक-दो लोगों ने बात की लेकिन उनका कहना था कि वह अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते हैं। उनका कहना था कि हिंसा ने पूरे इलाके को तबाह कर दिया। लोग परेशान हो गए। एक के घर का चिराग बुझ गया। सभी बस यही चाहते हैं कि इलाके में शांति कायम हो।