बहराइच। सरकारी योजनाओं में अधिकारी किस प्रकार धन की बंदरबांट कर रहे हैं इसका ताजा उदाहरण जिला उद्यान विभाग में घोटाले के रूप में सामने आया है। जिले के किसानों को पता ही नहीं चला और उनके नाम पर लाखों के अनुदान की रकम निकाल ली गई। ऑडिट टीम जब मौके पर सत्यापन करने पहुंची तो सच्चाई सामने आने पर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिला उद्यान अधिकारी को निदेशक उद्यान स्तर से नोटिस जारी करने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। अब शासन उन पर कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
जिला उद्यान केंद्र द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें किसानों को केला, शिमला मिर्च, फूल समेत विभिन्न प्रजातियों की सब्जियों की खेती पर अनुदान प्रदान किया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को खसरा, खतौनी समेत अन्य प्रपत्र विभाग में प्रस्तुत करने पड़ते हैं। जिला उद्यान विभाग द्वारा इस योजना में खेल करते हुए लाखों के अनुदान की रकम हड़प ली गई। इससे पात्र किसान लाभ पाने से तो वंचित तो रहे ही उन्हें अपने साथ की जा रही धोखाधड़़ी की भनक भी नहीं लगी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना व प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के भौतिक सत्यापन के दौरान इसका खुलासा हुआ है।
जांच के दौरान जिले के विकासखंड चित्तौरा के ग्राम बनवारी गोपालपुर निवासी साबिर पुत्र इंसान के खेत में 0.7 हेक्टेयर भूूमि पर विशेष प्रजाति के केले की खेती के लिए 21,517 रुपए का अनुदान होने की पुष्टि हुई। जबकि जांच के दौरान खेत में सामान्य प्रजाति का केला लगा पाया गया। इसके साथ ही किसान साबिर ने कभी भी उद्यान विभाग में अनुदान के लिए आवेदन न करने की भी बात कही। इसी प्रकार विकास खंड चित्तौरा के ही ग्राम चफरिया में किसान निजामुद्दीन द्वारा भी अनुदान लेने के अभिलेख सामने आए। जबकि ग्रामीणों ने इस नाम के किसी किसान के गांव में न होने की पुष्टि की। इसी प्रकार विकास खंड चित्तौरा के ही ग्राम बनवारी गोपालपुर निवासी शहजाद, असलम , रामचंद्र, तकील अहमद, रियाज अहमद , सबीर के खेतों में गेहूूं की फसल लगी पाई गई। जबकि सरकारी प्रपत्र में इन किसानों के नाम पर लाखों रुपए के अनुदान की बात सामने आई। किसानों से पूछताछ के दौरान कभी भी अनुदान के लिए विभाग में आवेदन से इंकार किया गया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों के खेतों में ड्रिप स्थापना में भी धांधली बरते जाने की बात सामने आई है।
जिले में उद्यान विभाग में हुए लाखों के घोटाले में गाज जिला उद्यान अधिकारी व यहां ही तैनात एक निरीक्षक पर गिर सकती है। निरीक्षक के खिलाफ भी विभाग की योजनाओं में लाखों का हेरफेर करने के आरोप लगे है जिसकी जांच भी चल रही है। उनका गैर जिले में तबादला भी हो गया था लेकिन अपने जुगाड़ के चलते वह फिर यहां लौट आए। वहीं जिला उद्यान अधिकारी के खिलाफ इससे पूर्व अयोध्या में तैनाती के दौरान भी धांधली बरते जाने के मामले सामने आ चुुके हैं। अयोध्या में नियम विरुद्ध 31 दैनिक श्रमिकों का न्यूनतम वेतन स्वीकृत करने की भी पुष्टि जांच के दौरान हो चुुकी है। शासन की ओर से जिला उद्यान अधिकारी से कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
ऑडिट टीम में शामिल सहायक लेखाधिकारी सुशील कुमार सिंह, लेखाकार बद्रीनाथ व लेखाकार पंकज कुमार मौर्य ने इन योजनाओं की ऑडिट की जिसमें जिले के चित्तौरा विकासखंड की जांच के दौरान अनुदान घोटाले का खुलासा हुआ। जबकि अन्य विकास खंडों की जांच अभी नहीं की गई है। शासन की ओर से जिले के अन्य विकास खंडों की भी सघनता से जांच कराए जाने पर ऐसे तमाम मामलों का खुलासा हो सकता है। अब प्रदेश के निदेशक उद्यान डॉ आरके तोमर ने बहराइच के जिला उद्यान अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई है।