बहराइच। माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटर परीक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां एक परीक्षा केंद्र पर कक्ष निरीक्षकों ने तीन छात्राओं को हिंदी का गलत प्रश्नपत्र दे दिया। वहीं जब छात्राओं ने इसका विरोध किया तो उन्हें डांट कर चुप करवा दिया गया। रिजल्ट में नंबर कम होने के डर से परेशान छात्राओं ने अब माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज, डीएम, डीआईओएस आदि को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। छात्राओं ने दोबारा सही पेपर करवाने की मांग भी की है।
इंटरमीडिएट की छात्रा अंजलि मोहरी मिहींपुरवा तहसील स्थित सेमरहना के दीप नरायन तूफानी दास कॉलेज की छात्रा हैं। उनका बोर्ड परीक्षा का केंद्र नैनिहा स्थित अनीता मौर्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को बनाया गया है। अंजलि ने बताया कि बीते 16 फरवरी को उनका हिंदी का पेपर था। उन्होंने बताया कि उनका कोड संख्या 102 सामान्य हिंदी का पेपर था। लेकिन कक्ष निरीक्षक ने उन्हें कोड संख्या 101 केवल हिंदी का पेपर दे दिया। जिसके बाद उन्होंने पेपर गलत मिलने व उसे बदलने की बात कही। लेकिन कक्ष निरीक्षक ने उन्हें डांट कर चुप करवा दिया।
वहीं परीक्षा केंद्र प्रभारी ने भी उनकी समस्या का कोई संज्ञान नहीं लिया। छात्रा ने आरोप लगाया कि उसने केवल हिंदी विषय में पूछे जाने वाले प्रश्नों की पढ़ाई नहीं की थी। लेकिन केंद्र पर जबरन उनका पेपर करवाया गया, जिससे उनका परीक्षाफल प्रभावित होगा। वहीं इसी तरह का आरोप इसी केंद्र पर परीक्षा देने वाली छात्रा अनिया कुमारी व सुमन ने भी लगाया।
उन्हें भी सामान्य हिंदी के स्थान पर केवल हिंदी का प्रश्नपत्र दिया गया और विरोध पर डांटा गया। परीक्षा के बाद शुक्रवार को तीनों छात्राओं ने माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव, अपर सचिव, डीएम आदि को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगायी है। शिकायती पत्र में छात्राओं ने परीक्षा केन्द्र की जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही और उनका सामान्य हिंदी का पेपर दोबारा करवाए जाने की मांग की है।