बहराइच। सहारा समूह से अधिक ब्याज की लालसा में जिले के तमाम छोटे-बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया था। सेबी के शिकंजा कसने के बाद इनकी रकम फंस गई। पिछले कई वर्षों से निवेशक अपनी गाढ़ी कमाई पाने के लिए सहारा के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे है। लेकिन अब पोर्टल शुरू होने के बाद इन निवेशकों में रकम वापसी की उम्मीद जगी है।
बहराइच जिले में सहारा समूह के करीब पौने पांच लाख से भी अधिक निवेशक बताए जाते है। सहारा समूह से जुड़े कर्मचारियों से इसकी पुष्टि हुई है। करीब 30 करोड़ से अधिक का निवेश बताया जाता है। लेकिन यहां छोटे स्तर का निवेश ज्यादा है। ऐसे में पहली किश्त मिलने के बाद करीब आधे निवेशकों को पैसा मिल जाएगा।
90 के दशक से लेकर वर्ष 2010 के बीच सहारा समूह ने तमाम निवेशक योजनाएं शुरू की थी। जिनमें अधिक ब्याज मिलता देख शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के हर वर्ग के लोग जुड़े। लोगों ने दस रुपये से लेकर लाखों का निवेश किया। वर्ष 2012 के आसपास निवेशकों को जब नियमित भुगतान करना बंद कर दिया गया तो लोग उपभोक्ता फोरम व सहारा के कार्यालयों की भागदौड़ करने लगे।
ऐसे करें आवेदनरिफंड प्राप्त करने के लिए सबसे पहले सीआरसीएस सहारा रिफंड फंड पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। अपने आधार कार्ड के अंतिम चार अंक और मोबाइल नंबर डालना होगा। ओटीपी डालने के बाद स्वयं पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ऑनलाइन जनरेट दावा, आवेदन पत्र भरकर पुन: अपलोड करना होगा। दावा सत्यापित होने के बाद करीब 45 दिन में रकम की वापसी होगी। पहले चरण में सिर्फ दस हजार रुपये का ही भुगतान होगा।
पैसे वापसी की जगी उम्मीद
विकास खंड महसी के ग्राम पंचायत सधुवापुर निवासी ज्योति त्रिपाठी ने बताया कि मार्च 2018 में बेटी के उज्जवल भविष्य व उसकी पढ़ाई के लिए ₹252000 सहारा इंडिया में निवेश किया था। उसके बाद वर्ष 2021 में लोगों द्वारा पता लगा कि सहारा इंडिया में जमा किया हुआ सारा पैसा डूब गया।
मटेरा क्षेत्र के लालपुर सरैया निवासी राम छबीले ने बताया कि घर के खर्च में बचत करके लगभग ₹100000 सहारा इंडिया के ब्रांच मटेरा में जमा किया था। लगभग 2 वर्ष से बैंक से लेनदेन न होने के कारण लोगों द्वारा बताया जा रहा था कि अब सहारा इंडिया का पैसा नहीं मिलेगा। लेकिन सरकार द्वारा कठोर कदम उठाते हुए ग्राहकों का पैसा वापस कराने के लिए कड़ी मेहनत की है। जिससे अब हम लोगों में उम्मीद जगी है।