महसी के टिकुरी गांव की ओर तेजी से बढ़ रही नदी
कटान पीड़ित खुद गिरा रहे अपना आशियाना
संवाद न्यूज एजेंसी
महसी (बहराइच)। सरयू का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। सरयू की लहरें बीते कई दिनों से महसी तहसील क्षेत्र के टिकुरी गांव में कहर बरपा रही हैं। रविवार को नदी ने दस बीघे कृषि योग्य भूमि की कटान कर खुद में समाहित कर लिया। वहीं पांच घरों को कटान की जद में खड़ा कर दिया। जिससे डरे ग्रामीण खुद अपने घरों पर हथौड़ा चला रहे हैं।
महसी तहसील के टिकुरी गांव में बीते कई दिनों से सरयू नदी कटान कर रही है। रविवार को नदी ने गांव निवासी अमरेश, अखिलेश, सुशील कुमार, मूल चंद, मुन्नी देवी, सुधीर कुमार आदि की लगभग दस बीघे कृषि योग्य जमीन को कटान की जद में ले लिया। इसमें कई बीघे जमीन पर धान की फसल भी लगी थी। यही नहीं कटान करते हुए नदी गांव के करीब पहुंच गई है। गांव निवासी फारूक, अहमद अली, कलीम, रामजस व मुन्नी लाल के घर नदी के मुहाने पर पहुंच गए हैं।
आलम यह है कि ये पांचों घर कभी भी नदी में समा सकते हैं। कटान के भय से रविवार को गांव निवासी कई ग्रामीण अपने परिजनों के साथ घर का जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए। बताते चलें कि नदी ने अब तक 14 घरों व आठ एकड़ जमीन को काटकर नदी में समाहित कर लिया है और तेजी से गांव की ओर से बढ़ रही है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
तहसीलदार महसी रविकांत द्विवेदी ने बताया कि टिकुरी गांव के लगभग सभी कटान पीड़ितों को बाढ़ राहत किट उपलब्ध कराई जा चुकी है। कटान प्रभावित गांव की बराबर निगरानी की जा रही है। पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रक्रिया की जा रही है।