बहराइच। दीवानी न्यायालय के परिसर में अखिल भारतीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को हिंदी विधि सप्ताह कार्यक्रम के प्रथम दिन को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर गोष्ठी का आयोजन कर हिंदी के महत्व के बारे में मंथन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राम छबीले शुक्ला ने की। मुख्य अतिथि व जनपद न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की। मूकबधिर विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती वंदना की। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि हिंदी की सेवा करना मातृ की सेवा करना है। स्थाई लोक अदालत के न्यायिक सदस्य अनिल त्रिपाठी ने कहा कि प्रयास होना चाहिए कि सिंधु से ब्रह्मपुत्र तक और कैलाश से कन्या कुमारी तक हिंदी विश्व में सार्वभौमिक बनें।
सीजेएम शिवेंद्र मिश्र ने कहा कि हमारे संकल्प कागजों पर न रहकर धरातल पर उतरने चाहिए। मीडिया प्रभारी अनिल त्रिपाठी ने बताया कि हिंदी विधि सप्ताह के शेष कार्यक्रम जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव के बाद होंगे। कार्यक्रम में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला, न्यायाधीश संजीव त्यागी, प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश रामप्रकाश पांडेय, न्यायाधीश विरोट शिरोमणि, इंदु प्रकाश, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गयाप्रसाद मिश्रा व महामंत्री पुष्पांजलि नाथ मिश्रा आदि मौजूद रहे।