नौकरी के नाम पर करता था ठगी
कार, फर्जी नियुक्ति पत्र, लैपटाॅप, मोबाइल बरामद, अन्य जिलों में भी दर्ज हैं कई मुकदमे
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। जिला चिकित्सालय में संविदा पर वार्ड बाॅय की नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी डब्ल्यूएचओ अधिकारी बनकर कई लोगों से ठगी करने वाले अंतरजनपदीय शातिर को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसके पास से फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र, मोबाइल, लैपटाॅप, कार समेत अन्य सामान बरामद हुआ हैं।
एएसपी सिटी रामानंद कुशवाहा ने शनिवार को कोतवाली देहात परिसर में मामले का खुलासा किया। बताया कि दरगाह शरीफ मीरपुर सलारगंज निवासी राजन बाबू ने कोतवाली देहात में शिकायती पत्र दिया था। जिसमें बताया था कि एक समाचार पत्र में संविदा पर नौकरी दिए जाने के विज्ञापन को देखकर उसने और 14 अन्य लोगों ने गोंडा जिले के धानेपुर सतनामी पुरवा बाबागंज निवासी अवधेश मिश्रा से संपर्क किया। जिस पर उसने अपने आप को यूपी सरकार का डब्ल्यूएचओ अधिकारी बताया।
उसने जिला अस्पताल बहराइच में वार्ड बॉय के पद पर 18 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से 13 वर्ष तक संविदा पर नियुक्ति दिलाने की बात कही। इसके बाद कोतवाली देहात के एक रिसाॅर्ट में उनकी मुलाकात हुई। जहां कुछ लोगों से नियुक्ति दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए गए। उनमें से कुछ लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंपा गया। तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले की जानकारी एसपी को होने पर उन्होंने आरोपी को पकड़ने के लिए सर्विलांस व थाना पुलिस को लगाया था। शनिवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर सर्विलांस व पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गोंडा-बहराइच मार्ग पर चित्तौरा मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को उसके पास से एक कार, लैपटाॅप, दो मोबाइल, आठ सादे नियुक्ति प्रमाण पत्र ड्राफ्ट, तीन फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र बरामद हुए। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए ठग पर आजमगढ़ के रानी की सराय, चित्रकूट के कोतवाली नगर, लखनऊ पूर्वी कमिश्नरेट के विभूति खंड में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं।