फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चोरी की बिजली से चल रही फैक्टरी, चार्ज हो रहा ई-रिक्शा

विज्ञापन
विज्ञापन
केस-1
विज्ञापन

ट्रांसफार्मर से सीधे जोड़कर चल रही थी कोयला फैक्टरी
मरुवा भदौली कोठार निवासी बृजेश तिवारी के प्रतिष्ठान पर जब छापा पड़ा तो सभी भौचक्के रह गए थे। यहां विभागीय साठगांठ से ट्रांसफार्मर से सीधे जोड़कर कोयला फैक्टरी चलाई जाती मिली। जांच पड़ताल करने पर 44.5 हार्सपावर की विद्युत चोरी पकड़ी गयी। इस मामले में विभागीय कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली। पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही कर रही है।
केस-2
बैट्री रिक्शा की चार्जिंग में भी चोरी की बिजली
बिजली चोरी में काजीपुरा के रहने वाले नसीम का कारनामा भी काफी चर्चा में रहा। यहां बिजली की चोरी से जेब भी भरी जाती मिली। जांच के दौरान नसीम के यहां चोरी की बिजली से 15 ई-रिक्शा चार्ज होते पाए गए। चार्जिंग के एवज में बाकायदा प्रति रिक्शा 50 रुपया तक शुल्क भी वसूला जाता था। यहां मीटर में छेड़छाड़ कर 10 किलोवाट की विद्युत चोरी पकड़े जाने पर केस दर्ज हुआ।
विज्ञापन

केस-3
नेटवर्क टावर का भी हो रहा था संचालन
वशीरगंज के यादव होटल के पास स्थित बृजेश गुप्ता के यहां हुई कार्रवाई में बिजली मीटर बाईपास कर 2.288 किलोवाट की विद्युत चोरी का मामला पकड़ा गया। यही से कुछ दूरी पर स्थित एक प्राइवेट कंपनी के टावर पर मारे गए छापे में नेटवर्क टावर का संचालन भी चोरी की बिजली से होता पाया गया। इन दोनों ही मामलों में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
केस-4
आइसक्रीम फैक्टरी में मिली 66 केवीए की चोरी
बहादुरपुरवा, मिहीपुरवा रोड स्थित हुसैन आइस फैक्टरी में एक दो नहीं बल्कि पूरे 66 केवीए विद्युत की चोरी कर फैक्टरी किया जाता पाया गया। इतनी ज्यादा क्षमता में विद्युत चोरी देखकर धरपकड़ को पहुंची टीम भी सकते में आती दिखी। इस मामले में संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही आरोपी पर 54.15 लाख का बकाया राजस्व भी निर्धारित कर इसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू की गयी है। इसमें शमन शुल्क 12 लाख रुपया है।
बहराइच। बिजली चोरी से जुड़े यह कुछ बड़े मामले बताते हैं कि जिले भर धड़ल्ले से हो रही बिजली चोरी रोकने को लेकर विभागीय अधिकारी पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई में जुटने लगे हैं। इसके चलते ही इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में बिजली चोरी के 721 केस दर्ज हो चुके हैं। हर माह दर्ज होने वाले बिजली चोरी के केसों की औसत आंकड़ा एक सैकड़ा के पार है। बिजली चोरी रोकने को लेकर विभागीय स्तर पर शुरू हुई इस सख्ती के कारण पूरे जिले में चोरी की बिजली इस्तेमाल करने वालों में हड़कंप है।
बिजली चोरी में दर्ज मामलों को देखा जाए तो साफ है कि बिना विभागीय कर्मचारियों व अफसरों की साठगांठ के इतने बड़े पैमाने पर बिजली चोरी संभव नहीं हो सकती। इसके चलते ही जानबूझकर कम क्षमता का बिजली कनेक्शन लेकर चोरी की बिजली से कई गुना अधिक लोड की बिजली को धड़ल्ले से इस्तेमाल में लाया जाता है। खास तौर पर आबादी इलाकों में गुपचुप तौर पर चल रही फैक्ट्रियों में दो-दो किलोवाट लोड लेकर 10-10 किलोवाट बिजली का खर्च किया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए विभाग के आला अफसर अब नियोजित स्तर पर कड़ी कार्यवाही की तैयारी में जुटे हैं। (संवाद)
विज्ञापन

आरोपियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई
विद्युत चोरी के मामलों पर रोक लगाने को पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत ही पहली जनवरी से लेकर अब तक विद्युत चोरी के 721 मामले पकड़ में आए हैं। इन सभी में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। -फूलचंद्र शुक्ला, थानाध्यक्ष, विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें