बहराइच। शहर की सरकार चुनने के लिए बुजुर्गों में भी गजब का उत्साह दिखाई दिया। उनकी ढलती उम्र भी उनके जज्बे के आगे घुटने टेकने को मजबूर हो गई। किसी ने मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए लाठी या दूसरे के कंधों का सहारा लिया तो कई बुजुर्ग अपने बेटों की गोद में मतदान केंद्र पहुंचे और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए वोट डाला।
जिले में दो नगरपालिका परिषद और छह नगर पंचायत में बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। पांच साल के बाद शहर की सरकार चुनने के लिए बुजुर्ग मतदाताओं में भी खूब जोश देखने को मिला। वे भले ही चल पाने में अस्मर्थ थे, लेकिन उनका जज्बा देखने को मिला। बुजुर्ग मतदाताओं का कहना था कि आयोग ने उन्हें मतदान करने का अधिकार दिया है जिसे वे गंवाना नहीं चाहते।
शहर के रायपुर राजा निवासी बुजुर्ग कमला प्रसाद तिवारी पुलिस लाइन बूथ पर लाठी के सहारे अकेले ही पहुंचे। वोट डालकर लौटे तो चल पाने में असमर्थ होने के कारण उन्हें बूथ पर मौजूद एक सुरक्षाकर्मी का सहारा लेना पड़ा। वे बोले कि उन्होंने अच्छी छवि के प्रत्याशी को वोट दिया है। शहर के खत्रीपुरा निवासी प्रताप और नानपारा के चिकवा टोला निवासी 70 वर्षीय मो. फारूक बैसाखी के सहारे मतदान करने पहुंचे। इसके अलावा शहर के सेवेंथ डे स्कूल में 80 वर्षीय कांती देवी ने पहुंचकर मतदान किया।
103 साल के माता प्रसाद तो 100 साल की फूलकला भी पहुंचीं
पयागपुर के कांधीकुंइयां निवासी 103 वर्षीय माता प्रसाद तिवारी को उनके बेटों ने बूथ तक पहुंचाकर मतदान कराया। उन्होंने कहा कि वोट डालने का अधिकार सभी को दिया गया है। ऐसे में वोट डालने में कैसे पीछे हट सकता हूं। बोले, वोट डालकर उन्हें अच्छा लगा। वहीं 100 वर्षीय फूलकला पत्नी विक्रम रुपईडीहा स्थित प्राथमिक विद्यालय पचपकरी बूथ पर अपने परिवारीजन के साथ वोट डालने पहुंचीं।