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खाना-पीना और रहना नेपाल में, वोट हिंदुस्तान में

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भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नेपाल बार्डर। - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। नेपाल से सटे सीमावर्ती इलाकों में दोहरी नागरिकता का खेल चल रहा है। इसके तहत बड़ी संख्या में नेपाली क्षेत्र में आवास बना कर रहने वाले नेपालियों ने जोड़-तोड़ के सहारे अपना नाम निकाय से लेकर विधान सभा चुनाव तक की मतदाता सूचियों में दर्ज करा रखा है। चुनावी जंग में जीत हार तय करने को इन जुगाड़ूू वोटरों का इस्तेमाल होता है। पहली बार अस्तित्व में आई रूपईडीहा नगर पंचायत में निकाय चुनाव की मतदाता सूचियों के सत्यापन के दौरान नेपालियों को वोटर बनाने का खेल सामने आया है। इस पूरे मामले में तहसील प्रशासन अब अपनी जिम्मेदारी से पल्ला छुड़ा रहा है। इस संबंध में एसडीएम का कहना है कि मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद 7 नवंबर तक आपत्तियां मांगी गई हैं। वोटर लिस्ट में गलत तरह से नाम जुड़वाने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद इसे दुरुस्त कराया जाएगा।
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भारत-नेपाल सीमा स्थित रूपईडीहा ग्राम सभा को इस बार नगर पंचायत का दर्जा मिला है। इसके बाद से यहां पर निकाय चुनाव की तैयारी चल रही है। निकाय चुनाव के लिए पूरे नगर पंचायत क्षेत्र को 15 वार्डों में बांटा गया है। निकाय चुनाव के लिए तैयार हुई मतदाता सूचियों का अनंतिम प्रकाशन भी हो चुका है। चुनावी जंग जीतने की तैयारियों में जुटे प्रत्याशियों के लिए पहली बार तैयार हुई निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट बड़ी चुनौती बन रही है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि चुनावी तैयारियों में जुटे कुछ दबंग प्रत्याशियों ने पुनरीक्षण कार्य से जुड़े कर्मियों की साठगांठ से नेपाल में रहने वालों का नाम भी मतदाता सूची में जुड़वा लिया है। इनके माध्यम से ही प्रत्याशी विशेष के पक्ष में वोटिंग करवाई जाएगी। नो मेंस लैंड पर स्थित जैसपुर समेत कई अन्य गांव के लोगों के नाम भारत और नेपाल दोनों की ही मतदाता सूचियों में दर्ज है। रुपईडीहा नगर पंचायत हो जाने के बाद इसमें दो ग्राम सभाओं का नाम और जोड़ दिया गया है। गोकुलपुर और पचपकरी ग्राम सभा भी अब नगर पंचायत का हिस्सा बन गई हैं। (संवाद)
सिर्फ मतदान करने आएंगे नेपाल के वोटर
निर्वाचन विभाग से जुड़े एक अधिकारी की माने तो रूपईडीहा नगर पंचायत में जो वोटर लिस्ट तैयार हुई है उसमें काफी संख्या में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हो गए हैं जो अब पूरी तरह से पड़ोसी देश नेपाल में बस चुके हैं। चुनाव परिणाम प्रभावित करने के लिए ही मतदाता सूची में शामिल नेपाल में रहने वाले इन जुगाड़ूू वोटरों को मतदान के लिए बूथ तक लाया जाएगा। नेपाल में होने वाले चुनाव के दौरान भी कुछ ऐसा ही कार्य भारतीय क्षेत्र में रहने वालों का नाम नेपाल की वोटर लिस्ट में शामिल कर किया जाता है।
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पहले भी हुई धांधली, चुनाव आयोग से शिकायत
समाजसेवी डॉ उमाशंकर वैश्य ने बताया कि विधान सभा व ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान भी पड़ोसी मुल्क के मतदाता भी मतदान करने के लिए आते रहे हैं। शिकायतों के बाद भी इस मामले को लेकर प्रशासन ने कभी गंभीरता नहीं बरती। रतन अग्रवाल ने बताया कि वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में ऐसी युवतियों का नाम भी दर्ज है जो विवाह के बाद अब नेपाल में जाकर बस गई है। वोटर लिस्ट से उनका नाम न हटाए जाने के कारण मतदान के दौरान उन्हें नेपाल से बुलाकर वोट डलवाया जाता है। विवेक शुक्ला ने बताया कि पूर्व में हुए पंचायत चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट में शामिल 900 से अधिक संदिग्ध लोगों के नामों को पंचायत सूची से हटवाया गया था। नेपाल के लोगों का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज किए जाने की शिकायत भी राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर की जा चुकी है।
जांच के बाद हटाए जाएंगे गलत नाम
नगर पंचायतों में होने वाले चुनाव की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका है। इस पर 1 से 07 नवंबर तक आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। नगर पंचायत क्षेत्र की पुनरीक्षित वोटर लिस्ट में गलत तरीके से नाम जुड़वाने पर सीधे आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके आधार पर ही जांच कराने के बाद वोटर लिस्ट में शामिल गलत नामों को हटा कर इसे दुरुस्त बनाया जाएगा। -अजीत परेश, एसडीएम नानपारा
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