बहराइच। अक्तूबर माह के शुरुआती दिनों में हुई झमाझम बारिश और उसके बाद हुई जलभराव से जिले में मच्छर जनित बीमारियों की बाढ़ सी आ गई है। ओपीडी में प्रतिदिन ज्यादातर मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। वहीं जानलेवा डेंगू ने भी जिले में अपने पांव पसार लिए हैं। कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ जाते देखा जा रहा है, जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी डेंगू से निपटने के लिए कमर कस ली है। ब्लॅड बैंक में पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई गई है। यही नहीं प्रतिदिन 40 यूनिट प्लेटलेट्स मशीन द्वारा बनायी जा रही है।
बारिश व जलभराव के चलते जिले में तेजी से डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। डेंगू से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। जिसमें अब तक 16 मरीज इलाज करवाकर सकुशल घर भी वापस जा चुके हैं। वहीं दो भर्ती मरीजों का इलाज जारी है। यहीं नहीं बीते एक सप्ताह में डेंगू की जांच के लिए 275 रैपिड सर्वे किया गया। वहीं डेंगू के त्वरित इलाज के लिए ब्लॅड बैंक को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। ब्लॅड बैंक में हर समय प्लेटलेट्स की उपलब्धता बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। जिसके बाद से ब्लॅड बैंक में हर समय 25 से 30 यूनिट अलग-अलग ग्रुप की प्लेटलेट्स उपलब्ध रहती है। ब्लॅड बैंक के कर्मचारी ने बताया कि वर्तमान में ओ-पॉजिटिव प्लेटलेट्स की मांग सबसे ज्यादा है। उन्होंने बताया कि मरीज के तीमारदारों द्वारा ब्लॅड देने के बाद मशीन द्वारा भी तीन से चार घंटे में प्लेटलेट्स तैयार कर ली जाती है। रोजाना औसतन 40 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार की जा रही है।
इन लक्षणों पर लें डॉक्टर की सलाह
- ठंड लगने के साथ अचानक बुखार आना
- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
- आंखों के पिछले भाग में दर्द होना
- अत्यधिक कमजोरी लगना
- भूख में कमी और जी मिचलाना
- मुंह के स्वाद का खराब होना, गले में दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना
ये बरतें सावधानी
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- घर के आस पास पानी एकत्रित न होने दें।
- गड्ढों को मिट्टी से ढक दें, नालियों की सफाई करें।
-पानी की टंकियों, कूलर, बर्तन आदि को ढक कर रखें।
- खिड़की व दरवाजों पर महीन जाली लगाकर रखें।
- फुल आस्तीन के कपड़े पहनें, ताकि शरीर के सभी अंग ढके रहें।
मेडिकल कॉलेज में डेंगू से बचाव के सभी संसाधन उपलब्ध हैं। 10 बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। डेंगू वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ाने के लिए सीएमएस को निर्देशित किया गया है। अस्पताल आने वाले मरीजों को अगर प्लेटलेट्स या दवाएं मिलने में परेशानी हो रही है तो वह बेहिचक सूचित करें। -डॉ. दिनेश चंद्र, डीएम