बहराइच। जिले में घरेलू हिंसा के 250 ऐसे मामले चिह्नित किए गए हैं। जिनमें महिलाएं लगातार शिकायत कर रही हैं। ऐसे मामलाें में प्रभावी पैरवी करने व शिकायतों पर पूर्ण विराम लगाने के लिए अब महिला बीट सिपाही प्रत्येक सप्ताह पीड़ित महिलाओं के घर दस्तक देंगी। महिला से हिंसा संबंधी फीडबैक लेकर उन्हें उच्चाधिकारियों को अवगत करवाएंगी।
जिले में महिला अपराधों में कमी लाने के लिए एसपी वृंदा शुक्ला की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। जिसके तहत अब एसपी ने घरेलू हिंसा के मामलों में कमी लाने व प्रभावी कार्रवाई के लिए नया प्रयोग शुरू किया है। इसके अंतर्गत विभिन्न थानों पर एक से अधिक बार आए घरेलू हिंसा के मामलों को चिह्नित किया जा रहा है। प्रकरणों के चिह्नांकन के साथ ही थाने पर तैनात संबंधित क्षेत्र की महिला बीट सिपाही हो प्रकरण हस्तांतरित किया जाएगा। जिसके बाद महिला सिपाही पीड़ित महिला के घर पर सप्ताह में एक बार दस्तक देगी और घरेलू हिंसा से संबंधित जानकारी लेगी। इस दौरान अगर महिला की ओर से फिर से हिंसा की शिकायत की जाती है, तो बिना उसे थाने दौड़ाए तत्काल मौके पर ही समस्या के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
परिवार बचाने के चक्कर में रहती हैं महिलाएं
पुलिस की ओर से घरेलू हिंसा से संबंधित सिर्फ ऐसे मामलों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनमें महिलाएं शिकायत लेकर थाने तो आती हैं, लेकिन परिवार बचाने के चक्कर में वह पतियों पर केस नहीं चाहती हैं। महिलाएं सुलह व दबाव से मामले में पटाक्षेप चाहती हैं। यही कारण है कि महिलाएं कुछ समय बीतने के बाद फिर से शिकायत करने पहुंचती हैं। पुलिस की ओर से जिले के 23 थाने व कोतवाली में ऐसे 250 मामले चिह्नित किए गए हैं और इनपर लगाम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
13 महिला उपनिरीक्षकों की भी तैनाती
घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों पर लगाम के लिए थानों के 100 महिला बीट सिपाहियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही 13 महिला उपनिरीक्षक भी इनपर नजर रखेंगी और निस्तारण के लिए महिला के घर पर दस्तक देंगी। यही नहीं एसपी स्वयं ऐसे मामलों में की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगी।
घरेलू हिंसा से संबंधित 250 ऐसे मामले चिह्नित किए गए हैं, जिनमें महिलाएं लगातार शिकायत कर रही हैं। इनके समाधान के लिए महिला बीट सिपाही के साथ महिला उपनिरीक्षक लगाई गई हैं। अभियान का उद्देश्य जिले में महिला अपराधों में कमी लाना है।
- वृंदा शुक्ला, एसपी