बहराइच। तापमान में बढ़ोतरी के साथ लू के थपेड़े लोगों की सेहत बिगाड़ रहे है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बुजुर्ग, युवा से लेकर बच्चे दस्त व डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। लोगों में पेट दर्द की शिकायत बढ़ी है। मेडिकल कॉलेज में लगभग 2500 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं। जबकि पिछले महीने लगभग 1600 मरीज ओपीडी में पहुंचते थे।
जिले में भीषण गर्मी के बीच दोपहर का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। उल्टी-दस्त, बुखार आदि से पीड़ित मरीजों का मेडिकल कॉलेज सहित सरकारी व निजी अस्पतालों में तांता लगा रहता है। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि तापमान बढ़ने, तेज धूप होने व लू चलने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
गर्म हवा चलने तथा सीधे धूप में चलने से शरीर में पानी की मात्रा कम होने लगती है जिससे हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी ओपीडी में लगभग 200 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। जिसमें वायरल बुखार, खांसी, डिहाइड्रेशन के ज्यादा मरीज होते हैं। मई में लगभग 40 हजार मरीज ओपीडी में पहुंचे थे। जून में यह आंकड़ा और बढ़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक रिजवान अहमद ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन लगभग ढाई हजार मरीज पहुंच रहे हैं। इनका इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सभी जांच व दवाएं मौजूद हैं।
एक सप्ताह में 188 बच्चे हुए भर्ती
बहराइच। गर्मी बढ़ने के साथ ही बच्चों में डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। पांच साल तक के बच्चे डायरिया से अधिक प्रभावित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में पिछले एक सप्ताह में 188 बच्चे भर्ती हुए हैं। इनमें डायरिया से पीड़ित बच्चे सबसे ज्यादा हैं। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया कि इस समय बच्चे ज्यादातर डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इससे बचने के लिए बच्चों को धूप से बचाएं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। दूध की बोतल गर्म पानी से धुलें।
भीषण गर्मी में ऐसे करें बचाव
धूप से बचने के लिए छतरी व गमछा का इस्तेमाल करें। घर से निकलने से पहले शर्बत, शिकंजी, आम का जूस पिएं। ज्यादा पसीना आने पर ठंडा पानी पिएं। लू से बचने के लिए पानी में नीबू व नमक मिलाकर पिएं। पसीना सोखने वाले पतले हल्के रंग के कपड़े पहने। पेट दर्द, सिर दर्द, डायरिया होने पर फौरन डॉक्टर को दिखाएं।
ओआरएस का घोल फायदेमंद
उल्टी-दस्त के साथ ही अधिक पसीना आने पर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा को संतुलित बनाए रखने के लिए बच्चों को ओआरएस का घोल दिया जाता है। एनर्जी ड्रिंक पीने से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ती है। वयस्कों में ज्यादातर यात्रा के दौरान डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। ऐसे में ओआरएस का सेवन बेहतर विकल्प है।
- डॉ.एसके सिंह, सीएमओ