बहराइच। झोलाछाप के गलत प्लास्टर चढ़ाने से एक दस साल की बालिका का पैर काटना पड़ा था। इस मामले का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया। उन्होंने सीएमओ डॉ. एसके सिंह को दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हुआ। झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ मंगलवार को मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।मोतीपुर थाना क्षेत्र के दौलतपुर निवासी अरविंद गुप्ता सोमवार को बेटी रिम्मी (10) को गोद में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। रिम्मी का दाहिना पैर आधा कटा था। अरविंद ने बताया कि उनकी बेटी रिम्मी का बीते 10 जनवरी को हादसे में पैर टूट गया था। इसके बाद वे बेटी को रामपुर चौराहे पर स्थित रामपुर पॉली क्लीनिक एंड हेल्थ केयर सेंटर ले गए थे। वहां तथाकथित डॉक्टर राकेश गुप्ता ने पैर का ऑपरेशन कर प्लॉस्टर चढ़ा दिया था। गलत प्लॉस्टर होने से बेटी के पैर में इनफेक्शन हो गया था। केजीएमयू लखनऊ में रिम्मी का पैर कटवाना पड़ा।
अरविंद ने का कहना है कि वह सोमवार को वह डीएम के पास गए थे। मामले में डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र ने सीएमओ को जांच कर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था। अमर उजाला में बेटी और उसके पिता के दर्द को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आदेश पर स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हुआ। सीएचसी अधीक्षक ने केस दर्ज कराया है।
सीएमओ ने भी नहीं समझा बेटी का दर्दपीड़ित पिता अरविंद इससे पहले भी न्याय के लिए कई चौखटों पर जा चुके है। अरविंद ने बताया कि बिटिया का पैर कटने के बाद वह न्याय के लिए खैरीघाट थाना गए, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद वह बेटी केे गोद में लेकर सीएमओ की चौखट पर भी पहुंचा, लेकिन बेटी का दर्द सीएमओ ने भी नहीं समझा। दोषी झोलाछाप इस दौरान मरीजों का इलाज करता रहा।
झोलाछाप को जल्द दबोचा जाएगा
खैरीघाट थाना प्रभारी सतेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि शिवपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. नलिन राज ने मामले में तहरीर दी है। इसमें बिना किसी डिग्री के क्लीनिक संचालित कर रहे तथाकथित डॉक्टर राकेश यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, इंडियन मेडिकल एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच शुरू कर दी गई है। झोलाछाप को जल्द दबोचा जाएगा।