संयुक्त जिला चिकित्सालय से मृत बच्चे को लेकर बाहर निकलती पीड़िता।
श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती दो नवजात शिशुओं की बुधवार मौत हो गई। इस पर परिजनों ने एसएनसीयू कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। वहीं चिकित्सक सांस लेने में दिक्कत की वजह मौत का कारण बता रहे हैं। वहीं निजी अस्पताल से आए एक नवजात को भी चिकित्सकों ने ब्रॉट डेड घोषित कर दिया है। एक दिन में दो नवजातों की मौत से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चहलवा निवासी फूलजहां (23) का मंगलवार नथुनिया मोड़ स्थित एएनएम सेंटर में प्रसव हुआ था। जहां रात में उसने पुत्र को जन्म दिया था। बच्चे की हालत खराब होने के कारण उसे रात में ही संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा स्थित एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद परिजनों ने एसएनसीयू स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। साथ ही उन्होंने सीएमएस से इस मामले में मौखिक शिकायत की। हालांकि उनके समझाने के बाद वह नवजात को लेकर चले गए।
वहीं ग्राम भावलपुर निवासी मिदाश्रुन (24) ने नौबस्ता एनएनएम सेंटर में सोमवार पुत्री को जन्म दिया था। जिसे सांस लेने में दिक्कत होने के कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा स्थित एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां बुधवार दोपहर उसकी भी मौत हो गई। जबकि गिलौला के पंडित पुरवा निवासी चांदनी (25) ने एक निजी अस्पताल में जुड़वा बेटा व बेटी को जन्म दिया था। इसमें पुत्र की हालत गंभीर होने के कारण उसे बुधवार संयुक्त जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं एक दिन में दो नवजातों की मौत से अस्पताल प्रशासन के हाथ-पैर फूले हैं।
एसएनसीयू वार्ड में बुधवार को दो नवजात शिशुओं की मौत हुई है। परिजनों का आरोप निराधार है। बच्चों को सांस लेने में समस्या थी। उन्हें झटके भी आ रहे थे। काफी प्रयास के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका।