मुख्य आरक्षी इंदल सिंह की फाइल फोटो।
बहराइच/रुपईडीहा। भारत-नेपाल सीमा स्थित कस्टम विभाग में तैनात उन्नाव जिले के नगर कोतवाली के मोतीनगर निवासी मुख्य आरक्षी इंदल सिंह (52) की शुक्रवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह ड्यूटी करके बाइक से अपने आवास पर जा रहे थे। रास्ते में चकिया रोड पर वह घायल अवस्था में पड़े मिले थे। पुलिस उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उन्नाव से इंदल सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाने आए उनके जीजा गजेंद्र सिंह ने बताया कि कस्टम अधिकारियों ने देर रात फोन कर मौत की सूचना दी। अधिकारियों ने ड्यूटी पूरी होने के बाद बाइक से पुराने कस्टम कार्यालय पर बने कमरे जाने व रास्ते में लड़ रहे दो सांड़ों से टकराने की बात कही थी।
मौत की सूचना से पत्नी सविता सहित अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। रुपईडीहा थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि वह पुलिस भर्ती परीक्षा में ड्यूटी करने मुख्यालय आए हुए हैं। मुख्य आरक्षी इंदल सिंह की मौत कैसे हुई, इस बात की कोई जानकारी नहीं है।
डेढ़ माह पहले ही रुपईडीहा हुआ था तबादला
परिजनों ने बताया कि इंदल सिंह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। उनके एक बेटा व दो बेटियां है। परिवार उन्नाव में ही रहता है। लगभग डेढ़ माह पहले ही सीमा पर उनकी पोस्टिंग हुई थी। इससे पहले वह लखनऊ में तैनात थे।
रहने के लिए कमरों की व्यवस्था नहीं
कस्टम विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों का कहना है कि उन लोगों के रहने के लिए कमरों की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते कस्टम विभाग के पुराने दफ्तर के पास स्थित कमरे पर जा रहे थे और रास्ते में हादसे का शिकार हो गए। अगर यहीं पर कमरों की व्यवस्था होती तो वह दुर्घटना का शिकार न होते।