बहराइच/बाबागंज/जरवल/महसी/जरवलरोड/खैरीघाट। जिले में बीती शाम आई तेज आंधी व बारिश से काफी नुकसान हुआ। धान व गन्ने की फसल खेतों में बिछ गई। पेड़ों के गिरने से आवागमन ठप हो गया। कई पेड़ तारों पर भी गिरे, जिसके चलते सैकड़ों गावों की बिजली गुल हो गई। मंगलवार को बिजली विभाग के कर्मी विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटे रहे।
जिले में सोमवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज धूल भरी आंधी से जिला घिर गया। तेज हवा के चलते शहर के रिजर्व पुलिस लाइन के सामने पेड़ की डाल गिर गई, जिससे आधे मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। वहीं शहर के कई मोहल्लों में बिजली गुल हो गई। तेज हवा से महिला महाविद्यालय के सामने व अंबेडकर पार्क के पास भी पेड़ गिर गए। बारिश व आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ। जहां लाखों किसानों की धान, गन्ना, केला आदि की फसलें खेतों में बिछ गई।
बाबागंज क्षेत्र में आंधी व बारिश से किसान महावीर प्रसाद ,लाला, सुरेश कुमार, सुकई,रामविलास आदि की धान व गन्ने की फसल खेतों में पसर गई। जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। जरवल में चीनी मिल-जरवल कस्बा मार्ग पर भारी भरकम पेड़ जरवलरोड उपकेंद्र की 33 हजार हाई टेंशन विद्युत लाइन पर गिर गया। जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
महसी विकासखंड के सधुवापुर में तेज आंधी ने किसानों की केले की फसल को तहस नहस कर दिया। सधुवापुर निवासी धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने 10 एकड़ केला की फसल लगा रखी थी। आंधी और बारिश से लगभग 40 प्रतिशत फसल गिर गई है। उन्होंने बताया कि लगभग चार लाख का नुकसान हुआ है।
खैरीघाट क्षेत्र के कई दर्जन गांवों में आंधी के चलते बिजली गुल हो गई। एसडीओ महसी गया सिंह ने बताया कि कई जगहों पर विद्युत लाइन के ऊपर पेड़ गिर जाने के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। जल्द समस्या दूर की जाएगी।
तिरपालों से ढकी गई प्रतिमाएं, अपरातफरी
कैसरगंज/देवलखा। कैसरगंज क्षेत्र में बदरौली, देवलखा, अयनी, विजयपुर, कुंडासर, परसेंडी, चकपिहानी आदि जगहों पर दुर्गा पंडाल सजे हैं। सोमवार को अचानक आई आंधी से पूजन पंडालों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान आयोजकों ने त्रिपालों से ढककर दुर्गा प्रतिमाओं को बचाया।
बिजली के खंभे पर पेड़ गिर जाने से लगभग 2000 की आबादी बिजली विहीन रही। बारिश से किसानों को भी भारी नुकसान हुआ। देवलखा निवासी किसान उदय राज, विजयपुर के किसान रामतीरथ मौर्य आदि की धान, गन्ना व मक्के की फसल गिर गई।
158 गांवों में छाया अंधेरा
मटेरा। तेज आंधी बारिश के कारण मटेरा विद्युत उप केंद्र से आपूर्ति पाने वाले लगभग 158 गांवों में अंधेरा छा गया। जिसके चलते नवरात्र में सजे पंडालों में अंधेरा रहा। ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण संतोष कुमार वर्मा, रामचंद्र मौर्य आदि ने बताया कि 24 घंटे में आपूर्ति देने का आश्वासन दिया गया है।
नानपारा-लखीमपुर- बिछिया मार्ग रहा ठप
मिहीपुरवा। आंधी व बारिश के चलते कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ धराशाई हो गई। नानपारा-लखीमपुर हाईवे पर खपरा वन चौकी के पास पेड व मिहीपुरवा-बिछिया मार्ग पर कई जगह पेड़ गिरे। जिससे कुछ देर के लिए आवागमन बाधित रहा और यात्रियों से भरी रोडवेज बस व दर्जनों निजी वाहन जंगल के रास्ते में फंसे रहें। सूचना पर पंहुचे मोतीपुर तथा कतर्नियाघाट रेंज के रेंजर एसके तिवारी, अनूप कुमार वन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युद्ध स्तर पर काम कर आवागमन शुरू करवाया।
वहीं बारिश के चलते मिहीपुरवा तहसील क्षेत्र में 12 घंटे तक बिजली गायब रही। सुजौली में आधी से एक दर्जन से अधिक फूस के छप्पर गिर गये है। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि कि सभी तहसील कर्मचारियों को नुकसान का आंकलन करने के निर्देश जारी किया गया है।
बीमित किसान टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
कृषि, राजस्व व बीमा कंपनी के कर्मचारी क्षति का आंकलन कर रहे हैं। जिन बीमित किसानों का नुकसान हुआ है, सभी बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18001035490 पर फोन 72 घंटे में शिकायत दर्ज करवाएं। जिले में एक लाख 18 हजार 218 बीमित किसान हैं, सभी को नुकसान की क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी।
सतीष पांडेय, जिला कृषि अधिकारी