तेज पेट दर्द से कराह रहे एक युवक को रविवार सुबह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। मगर आधे घंटे तक तड़पने के बावजूद कोई भी डॉक्टर उसे देखने के लिए नहीं आया, इससे युवक की मौत हो गई। इस पर युवक के परिवारीजन व्यवस्था पर बिफर पड़े। हंगामे की स्थिति बन गई। मगर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने समझाकर मामला शांत करा दिया।
हरदी थाना के करमपुरवा बालासराय गांव निवासी मोहित मिश्र (20) पुत्र जयशंकर मिश्र को रविवार भोर में असहनीय पेट दर्द व तेज बुखार की शिकायत हुई। पहले परिवारीजनों ने घरेलू इलाज किया। मगर लाभ न होने पर उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां भर्ती कर उसे ड्रिप लगा दी गई। मगर कुछ देर बाद मोहित को और तेज दर्द शुरू हुआ।
इस पर परिवारीजन चिकित्सक को बुलाने पहुंचे। मगर उस समय इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक दूसरे रोगियों को देख रहे थे। उन्हें देखने के बाद आने की बात कही। इस दौरान आधे घंटे तक मोहित तड़पता रहा। काफी देर बाद चिकित्सक पहुंचे मगर तब तक मोहित की मौत हो गई। इस पर उसके परिवारीजन बिलख पड़े।
कोहराम मच गया। हंगामे की स्थिति बन गई। साथ में मौजूद लोग व्यवस्था पर बिफर पड़े। मोहित के रिश्तेदार विजय कुमार का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही से मोहित की मौत हो गई। शोरगुल सुनकर अस्पताल परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी पहुंचे गए। उन्होंने किसी तरह परिवारीजनों को समझाकर शांत किया। सभी शव लेकर घर लौट गए।
इस बारे में सीएमओ का कहना है कि, इमरजेंसी मेें युवक की मौत की सूचना मिली है। उसे काफी नाजुक हालत में परिवारीजन जिला अस्पताल लाए थे। मगर इलाज में लापरवाही का आरोप परिवारीजनों ने मढ़ा है। ये गंभीर मामला है। जांच कराकर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।