धर्मनपुर लीलापारा गांव निवासी एक ग्रामीण की रिश्तेदारी गांव में ही है। उसकी पत्नी को रात में समधन जरूरी काम कहकर घर से बुला ले गई। मंगलवार देर रात तक जब पत्नी घर नहीं पहुंची तो खोजबीन शुरू हुई। सुबह उसकी लाश गांव के बाहर मिली। शव पर चोटों के निशान थे। इस मामले में पुलिस ने मां-बेटे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत धर्मनपुर लीलापारा गांव निवासी इबरार खां ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा है कि उसकी रिश्तेदारी गांव में ही है। गांव निवासी सायरा बानो रिश्ते में उसकी समधन लगती है। कुछ दिनों पूर्व परिवार में खटपट थी, लेकिन इधर सब सामान्य था।
मंगलवार रात 8:30 बजे के आसपास समधन घर आई। उसने पत्नी शहीदा बानो (60) से कहा कि दामाद ने बुलाया है। इसके बाद वह शहीदा को लेकर घर चली गई। देर रात तक जब शहीदा वापस नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।
समधन का मोबाइल नंबर डायल किया तो घंटी बजी, लेकिन उसके बाद मोबाइल स्विचड आफ हो गया। रात में काफी तलाश के बाद पत्नी का पता न चलने पर जब भोर में समधन सायरा के घर जा रहे थे। तभी शहीदा का शव गांव के बाहर पड़े होने की सूचना ग्रामीणों ने दी।
इबरार के मुताबिक पीटकर शहीदा की हत्या की गई है। उसके सिर, पीठ, पेट पर गहरे जख्म हैं। इबरार ने समधन और दामाद कादिर को नामजद करते हुए तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि इबरार की तहरीर पर मां-बेटे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि दोनों परिवारों में अरसा पूर्व विवाद था। हो सकता है, उसी कारण धोखे से शहीदा को घर बुलाकर उसकी हत्या की गई हो। उन्होंने कहा कि लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।