बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के बाघ प्रभावित इलाके में डिप्टी रेंजर ने ग्रामीणों को मवेशी चराने से मना किया तो लोग भड़क उठे। गांव के अन्य लोगों को बुलाकर सभी ने डिप्टी रेंजर और उनके सहयोगी पीआरडी जवान को पीटकर बंधक बना लिया।
इसकी भनक जब रेंज कार्यालय पर लगी तो वन क्षेत्राधिकारी, सुजौली थानाध्यक्ष के साथ टीम लेकर मौके पर पहुंचे। इतने में ग्रामीण भाग निकले थे। डेढ़ घंटे बाद डिप्टी रेंजर व जवान को मुक्त कराया जा सका।
इस मामले में डिप्टी रेंजर ने छह लोगों को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने दबिश शुरू कर दी है।
गुरुवार शाम छह बजे के आसपास भवानीपुर गांव के ग्रामीण गेरुआ नदी के भवानीपुर घाट के पास कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत बिछिया बीट के कक्ष संख्या पांच बाघ प्रभावित क्षेत्र में मवेशियों को घास चरा रहे थे।
इसी दौरान गश्त करते हुए डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र और पीआरडी जवान राधेश्याम वर्मा पहुंच गए। डिप्टी रेंजर ने प्रतिबंधित इलाके से मवेशियों को निकालने की बात कही, जिस पर ग्रामीण बिफर पड़े।
भवानीपुर निवासी भूरे पुत्र होली से कहासुनी हुई। इसी बीच भूरे ने शोर मचाकर गांव के लोगों को इकट्ठा कर लिया। काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हाथापाई शुरू हो गई। कुछ ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र और उनके सहयोगी राधेश्याम को अपशब्द कहे और पीटकर बंधक बना लिया। हमले में डिप्टी रेंजर के रायफल के चार कारतूस गायब हो गए।
ग्रामीणों द्वारा डिप्टी रेंजर और सहयोगी को बंधक बनाए जाने की सूचना देर शाम रेंज कार्यालय पहुंची तब हड़कंप मचा। वन क्षेत्राधिकारी गयादीन ने तत्काल सुजौली थानाध्यक्ष आरके वर्मा को सूचना दी।
करीब डेढ़ घंटे बाद वन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर डिप्टी रेंजर और उनके सहयोगी को मुक्त कराया। जबकि हमलावर ग्रामीण भाग निकले थे। घटना के मामले में डिप्टी रेंजर ने सुजौली थाने पर तहरीर दी है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि डिप्टी रेंजर की तहरीर पर भूरे पुत्र होली, होली पुत्र बिंद्रा, राजेश पुत्र श्रीपाल, श्रीपाल पुत्र कुंजीलाल, कल्लू पुत्र लालू, नरेश पुत्र बालकराम और रानीपुर थाना क्षेत्र के कटघरा निवासी जंग बहादुर सिंह पुत्र हरनरायन सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जंग बहादुर के ललकारने पर ग्रामीणों ने किया हमला
डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र ने अपनी तहरीर में कहा है कि भूरे के चीखने-चिल्लाने पर गांव के लोग इकट्ठा हुए थे लेकिन सिर्फ कहासुनी हुई थी। उन्हीं ग्रामीणों के साथ आए जंग बहादुर ने ग्रामीणों को ललकार कहा कि जान से मार दो, दो-चार लाख लगेंगे, खर्च कर दूंगा। इसके बाद ग्रामीणों ने हमला कर मारापीटा।
की जा रही विभागीय जांच
वन क्षेत्राधिकारी गयादीन ने बताया कि डिप्टी रेंजर और पीआरडी जवान पर हुआ हमला काफी गंभीर मामला है। इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू की गई है। रेंज केस भी दर्ज किया जाएगा।