रिसिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरवय चाचा-भतीजे को केदाइपुरवा गांव निवासी कुछ युवक पढ़ाने व कामकाज के लिए गुजरात ले गए। वहां पर युवकों ने बंधक बनाकर चाचा-भतीजे के साथ कई दिनों तक कुकर्म किया। विरोध पर उन्हें लोहे की गर्म छड़ से दागा।
किसी तरह दोनों घर लौटे और अपनी पीड़ा बयां की। मामले में परिवारीजनों ने एसपी को अवगत कराया है। एसपी ने रिसिया थाने को केस दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। रिसिया थाना अंतर्गत एक गांव निवासी ग्रामीण ने बताया कि उसका परिवार काफी गरीब है।
चार माह पूर्व कोतवाली देहात अंतर्गत केदाईपुरवा गांव निवासी परिचित मेराजू, कलामू, सलामू तथा जुम्मन ने गुजरात जाने की बात कही। यह भी कहा कि अपने बेटे व भाई को साथ में भेज दो। वहीं पर पढ़ाएंगे, हमारे काम में मदद भी करेंगे। हाथ में चार पैसे भी आएंगे।
ग्रामीण का कहना है कि वह झांसे में आ गया और बेटे तथा भाई को साथ में भेज दिया। गुजरात जाने के सप्ताह भर बाद जब मेराजू को फोन कर बेटे व भाई से बात करवाने को कहा तो उसने सभी के मजे में होने की बात कही। यह भी कहा कि कुछ दिनों बाद लौट आएंगे।
ग्रामीण ने बताया कि इसके बाद बेटे व भाई से बात नहीं हो सकी। किसी तरह दोनों 15 अगस्त को गुजरात से भागकर घर पहुंचे तो बताया कि वहां पर सभी उसे बंधक बनाकर रखते थे। दिन में होटल में काम करवाते और रात में सामूहिक कुकर्म करते थे। विरोध करने पर लोहे की छड़ गर्म कर दागते थे।
दोनों किशोरों ने हाथ, पैर व पीठ पर दागे गए छड़ के निशान भी दिखाए। इससे परिवारीजन सकते में आ गए। ग्रामीण का कहना है कि उसने दूसरे दिन एसपी को मामले से अवगत कराया। एसपी ने इस मामले में सीओ रिसिया को जांच कर एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए।
अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस पर बुधवार को पुन: परिवारीजनों ने बहराइच पहुंचकर एसपी को प्रार्थना पत्र दिया है। एसपी ने पुन: मामले में एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट तलब की है।