सशस्त्र डकैतों ने गुरुवार रात भिनगा इलाके के एक गांव में धावा बोल दिया। एक मकान में दाखिल हुए डकैतों ने परिवारीजनों के विरोध पर फायरिंग कर दी। इस हमले में तीन भाई घायल हो गए। शोर सुनकर जमा हुए ग्रामीणों ने एक डकैत को घेरकर पकड़ लिया। उसके अन्य साथी फरार हो गए। पकड़े गए डकैत को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
भिनगा क्षेत्र में ग्राम विशुनपुर रामनगर में गुरुवार रात करीब दो बजे आधा दर्जन से अधिक सशस्त्र डकैतों ने छेदीराम के घर पर धावा बोल दिया। उनकी आहट पर छेदीराम का पुत्र पवन, पंकज व रक्षाराम जग गए। मदद के लिए शोर मचाने के साथ पवन डकैतों से भिड़ गया। इस पर एक डकैत ने पवन पर गोली चला दी। सिर व घुटने में गोली लगने से पवन घायल हो गया।
यह देख पंकज व रक्षाराम दौड़े तो डकैतों ने उस पर भी गोली चलाई। वह दोनों भी गोली के छर्रे लगने से जख्मी हो गए। इस बीच अन्य ग्रामीणों की मदद से डकैतों को घेर लिया। खुद को घिरता देख डकैत मौके से भागने लगे। उनमें एक को ग्रामीणों ने घेरकर मौके पर ही पकड़ लिया। सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए डकैत को थाने ले जाकर पूछताछ की तो उसकी पहचान बलरामपुर जिले में तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम प्रेमनगर निवासी किशोरी लाल पथरकट्ट के रूप में हुई। घटना के दौरान डकैतों की फायरिंग में घायल पवन, पंकज, रक्षाराम और पकड़े गए डकैत किशोरी लाल को जिला चिकित्सालय भिनगा भेजा गया।
पवन की हालत गंभीर बताई जा रही है। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक विजय पाल सिंह का कहना है कि पकड़े बदमाश से एक तमंचा भी बरामद किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए टीम सक्रिय की गई है।