विशेश्वरगंज (बहराइच)। पक्का मकान बनवाने के लिए पूरा परिवार उत्साहित था। दो दिन पहले जब लोहिया आवास निर्माण के लिए धनराशि मिली तो कच्चे घर को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।
गुरुवार सुबह जब तीन भाई मिलकर दीवार गिराने लगे तभी अचानक दीवार का बड़ा हिस्सा भाइयों पर आकर गिर गया। पास खड़ा मासूम भी मलबे में दब गया।
हादसे में एक भाई की जान चली गई, जबकि अन्य दोनों भाइयों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। बच्चे की हालत स्थिर है।
विशेश्वरगंज के ग्राम नेठिया बिसई डिहवा गांव निवासी तीन भाई कोयले उर्फ बनवारीलाल (48), रामराज (45) और शिवराज (35) का परिवार एक साथ झोपड़ी में रहता है।
गांव में सर्वे होने के बाद रामराज को लोहिया आवास के लिए चिह्नित किया गया था। दो दिन पूर्व रामराज के खाते में आवास निर्माण के लिए प्रथम किश्त 35 हजार रुपये भेजी गई।
इसे लेकर परिवार के सदस्य काफी उत्साहित थे। कच्चे मकान की दीवार को ढहाकर पक्के मकान की नींव का निर्माण किया जाना था।
गुरुवार सुबह तीनों भाई मिलकर कच्ची दीवार को एक किनारे से ढहा रहे थे लेकिन तभी धमक लगने से अचानक पूरी दीवार ढह गई।
इसकी चपेट में आकर तीनों भाई और पास ही खड़ा कोयले का बेटा रोहित (12) दब गए। चीख-पुकार मच गई। गांव के लोग दौड़े।
मलबा हटाकर सभी को निकाला गया लेकिन तब तक कोयले की मौत हो चुकी थी। अन्य घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया।
यहां रामराज और शिवराज की हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि रोहित को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
दीवार ढहने की सूचना पाकर क्षेत्रीय लेखपाल विक्रम तिवारी ने मौके का मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेजी है।