रानीपुर बनकटी गांव के निकट खेत में गोवंश का वध कर मांस को ठिकाने लगा रहे पिता-पुत्र समेत तीन को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक मंदिर से अरसा पूर्व चुराई गई क्षतिग्रस्त प्रतिमाएं भी बरामद हुईं।
इससे हिंदू संगठनों के लोग भड़क उठे। सभी ने धरना शुरू कर दिया। मामले की रिपोर्ट दर्ज करने और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर सभी शांत हुए। दोपहर तक नानपारा क्षेत्र में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत रानीपुर बनकटी निवासी मुरारीलाल की भैंस रात में गायब हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी गांव में भैंस का पता न लगने पर मुरारी ने निरंकार व गांव के अन्य लोगों के सहयोग से खेत को खंगालना शुरू किया।
ग्रामीण जब गिरीश साहू की बाग के निकट पहुंचे। तभी बाग में कुछ लोगों के होने की आहट मिली। ग्रामीणों ने चारों ओर से घेराबंदी कर टॉर्च जलाया तो मौके पर चार लोग एक गोवंश का वध कर मांस को ठिकाने लगाने की कोशिश में थे।
इस पर ग्रामीणों ने घेराबंदी कर तीन लोगों को मौके पर पकड़ लिया। उनकी पहचान कोतवाली नानपारा के चिकवा टोला निवासी मुन्ना और उसके पुत्र भूरे उर्फ मती अहमद तथा चुन्नन उर्फ नबी अहमद के रूप में हुई। जबकि दूसरा पुत्र मो. अहमद मौके से भाग गया।
ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम एसपी शुक्ला, सीओ अजय भदौरिया, दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान हिंदू रक्षक दल के अध्यक्ष रोहित चौरसिया, अनुराग शर्मा, अभय मदेशिया, रूपनारायन, ओमप्रकाश, आनंद श्रीवास्तव समेत हिंदू संगठनों के लोग भी पहुंच गए।
ये लोग घटनास्थल को बारीकी से देख रहे थे। तभी 50 मीटर दूर पर भगवान शंकर, पार्वती और गणेश की संगमरमर की क्षतिग्रस्त प्रतिमाएं बरामद हुईं। इस पर हिंदू संगठनों के लोग भड़क उठे। सभी मौके पर बैठ धरना देने लगे। उनका कहना था कि केस दर्ज कर क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं के स्थान का पता लगाया जाए।
पुलिस ने काफी मान मनौव्वल की लेकिन बात न बनने पर गोवंश वध, भैंस चोरी और क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं का केस दर्ज कर लिया। इस मामले में पकड़े गए पिता-पुत्रों को जेल भेज दिया गया है। कोतवाल ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश हो रही है।