घाघरा नदी के जलस्तर में कुछ गिरावट के बावजूद एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। उधर महसी क्षेत्र के 10 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी है। गुरुवार देर शाम मवेशी खोजने निकली एक किशोरी बाढ़ के पानी में बह गई। उसका शव शुक्रवार सुबह मिला। राजस्व कर्मी जांच कर रहे हैं। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य अभी तक शून्य है।
उफनाई घाघरा नदी का कहर निरंतर जारी है। शुक्रवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.106 मीटर मापा गया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि गुरुवार रात से नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई लेकिन शुक्रवार दोपहर बाद पानी का स्तर स्थिर हो गया।
अभी भी नदी खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। उधर महसी तहसील क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका बरकरार है। तटबंध के उस पार बसे कोरिनपुरवा, कायमपुर, जरमापुर, गोलागंज, टेपरी, लोनियनपुरवा, नयापुरवा, तूलापुरवा समेत 10 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
इसके चलते ग्रामीणों की दिनचर्या अस्तव्यस्त है। गुरुवार शाम तूलापुरवा निवासी राजदुलारी (14) पुत्री रामउग्गर भैंस खोजने के लिए निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। सुबह उसका शव उतराता हुआगांव से कुछ दूर बरामद हुआ। परिवारीजनों के मुताबिक बाढ़ के पानी में बह जाने के चलते डूबकर राजदुलारी की मौत हुई है।
सूचना पर नायब तहसीलदार आरके विश्वकर्मा व लेखपाल पुत्तन मौके पर छानबीन करने पहुंचे हैं। पंचनामा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उधर बाढ़ के चलते गांव के संपर्क मार्ग जलमग्न हैं। ग्रामीणों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा है।
अब तक राहत व बचाव के उपाय भी नहीं किये गए हैं। एसडीएम महसी एसपी शुक्ला ने बताया कि जलस्तर में कमी आ रही है। किशोरी डूबने की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजा की कार्रवाई की जाएगी।